फाइल झपटने की फुर्ती पड़ी भारी, दिल्ली के ‘मौन’ जाल में फंसेगी बंगाल की ‘शेरनी’।

सियासत के बिसात पर दीदी अपनी ‘ऑन द स्पॉट’ दबंगई के लिए मशहूर हैं, पर इस बार पासा पलटता दिख रहा है। जब ईडी की फाइलों पर हाथ साफ हो रहा था, तब दिल्ली का ‘मौन’ कोई कमजोरी नहीं, बल्कि एक गहरा जाल था। बीजेपी ने समझ लिया कि दीदी को जल्दी जेल भेजना उन्हें ‘विक्टिम कार्ड’ का जैकपॉट थमाना है। इसलिए, उन्हें शहीद बनने का मौका देने के बजाय, मामले को धीरे-धीरे ‘राजनीतिक बदले’ से ‘आपराधिक कुंडली’ में बदला गया। अब अगर दीदी सलाखों के पीछे जाती हैं, तो वह क्रांति की मशाल नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार की आरोपी कहलाएंगी। जिस तरह दिल्ली के ‘लाल’ का डिब्बा गोल हुआ, अब देखना यह है कि बंगाल की ‘अकड़’ कब तक कानूनी पहाड़ के नीचे आती है। ऊंट अब ढलान पर है!
इंजी. मधुर चितलांग्या , संपादक , दैनिक पूरब टाइम्स

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