कानूनी प्रक्रिया में त्रुटि, क्या किसी को बाइज़्ज़त बरी करा सकती है ?

नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेताओं को राहत इसलिए मिली, क्योंकि जज ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की चार्जशीट का संज्ञान लेने से इनकार कर दिया. कोर्ट के अनुसार इस मामले मे वैध एफआईआर ही मौजूद नहीं है. क्या ईडी के अधिकारियों को कानून की इतनी बुनियादी जानकारी भी नहीं है? या जब मामला विपक्षी नेताओं से संबंधित हो, तो वे नियम- कानून की कोई परवाह नहीं करते? मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी से भी लंबी पूछताछ हुई. मगर अब सामने आया है कि यह सब उस मामले में हुआ, जिसमें एफआईआर ही वैध नहीं थी. लेकिन क्या इससे मनी लॉन्ड्रिंग के इल्जाम पूरी तरह खत्म हो जाएंगे ? संभवतः नहीं . पर कानूनी प्रक्रिया के कारण अभी तो संभावना यही है कि ऊपरी अदालत में अपील की आड़ में सारा मामला पृष्ठभूमि में चला जाए . आपकी क्या राय है ?
इंजी. मधुर चितलंग्या, संपादक, दैनिक पूरब टाइम्स

More Topics

देवभोग बना गुणवत्ता और विश्वास का प्रतीक: मंत्री रामविचार नेताम

पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने दुर्ग जिले के...

धमतरी में भारी बारिश से उफान पर नदियां, गंगरेल बांध के 3 गेट खुले

धमतरी जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के...

GSLV-F17 की सफलता पर PM मोदी ने ISRO को दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने GSLV-F17 मिशन के सफल प्रक्षेपण...

जयशंकर का दो टूक जवाब, रूसी तेल खरीदने से खत्म नहीं होगा रूस-यूक्रेन युद्ध

नई दिल्ली/कीव। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूस-यूक्रेन संघर्ष...

इसे भी पढ़े