अब छत्तीसगढ़ शासन “वोट मांगने की कला” में मास्टर्स का कोर्स चालू करवाएगा

छत्तीसगढ़ में अब विकास की गंगा के साथ-साथ ‘वोटों का सैलाब’ लाने के लिए एक विशेष शैक्षणिक प्रयोग होने जा रहा है। अपने मातहतों के माध्यम से लोगों को टालने के नवाचारों के शौकीन शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने घोषणा की है कि अब प्रदेश में ‘वोट मांगने की कला’ में मास्टर्स का कोर्स शुरू होगा। जब किसी ने कहा कि यह विषय शिक्षा विभाग का नहीं तकनीकी शिक्षा या उच्च शिक्षा विभाग से सम्बंधित है और उनके विभाग की सीमा याद दिलाई, तो उन्होंने दो टूक कहा कि यह केवल शिक्षा का ही नहीं, बल्कि ग्रामीणों के विकास और चुनावी मनोरंजन का विषय है। दरअसल, पिछले साढ़े तीन साल में हुए तीन चुनावों में उनके क्षेत्र के वासियों की घटती दिलचस्पी देख, मंत्री जी समझ गए हैं कि अब जनता को ‘बातों से साधना ‘ आसान नहीं होगा, इसलिए अब प्रोफेशनल विशेषज्ञों की फ़ौज तैयार की जाएगी। जानकारी के अनुसार इस स्कूल में एडमिशन का पैमाना सबसे निराला होगा। यहाँ ‘लाय डिटेक्टर’ नहीं, बल्कि ‘इम्मोरल मैपिंग’ मशीन चलेगी, जो यह मापेगी कि अभ्यर्थी में नैतिकता की कितनी कमी और बेईमानी की कितनी क्षमता है? प्राथमिकता उन्हें मिलेगी जो दूसरों का पैसा हजम कर, उधार देने वाले के ही ‘छक्के छुड़ा’ देते हैं। सिलेबस में ‘घड़ियाली आंसू’ बहाना, गिरगिट की तरह रंग बदलना और ‘मुंह में राम, बगल में छुरी’ जैसे विषयों पर भी प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी। छात्रों को सिखाया जाएगा कि कैसे ‘हवा में महल’ बनाए जाते हैं और कैसे जनता की ‘आंखों में धूल’ झोंककर अपनी नैया पार लगाई जाती है। जब मंत्री महोदय से पूछा गया कि सरकार की टेण्डर प्रक्रिया के कारण मशीन आने में देर हो गई या घटिया दर्जे की खरीद ली गई तो फिर काम कैसे चलेगा? वे बोले, मेरी नजर मेरे आस-पास ही, मेरे नीचे कार्य करने वालों पर है और कई लोगों में उपयुक्त योग्यताएं हैं । शुरुआत में ऐसे ही कुछ छुटभईये नेताओं व कर्मचारियों को हम इस कार्यक्रम में एडमिशन दे देंगे। यह पूछने पर कि कहीं कांग्रेसी लोग इस कार्यक्रम का ज्यादा लाभ तो नही ले लेंगे? उन्होंने कहा साढ़े तीन साल शासन करने के बाद छ.ग. में केवल हमारी ही पार्टी व टीम में बड़बोले ज़्यादा तैयार हैं । अतएव हमें ही अधिक फायदा मिलेगा।
गुस्ताखी माफ़, यह व्यंग विशुद्ध मनोरंजन के लिए है. किसी को जाने अनजाने में तकलीफ पहुंची हो तो क्षमा करेंगे 🙏🏻
इंजी. मधुर चितलांग्या “माधो”
व्यंगकार व संपादक
दैनिक पूरब टाइम्स

More Topics

सरकारी राशन दुकान में 1007 क्विंटल चावल गायब, अध्यक्ष गिरफ्तार

दुर्ग जिले में सरकारी राशन वितरण प्रणाली में बड़ी...

राहुल गांधी ने छात्रों को जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन से दूर रहने की सलाह दी

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार...

इसे भी पढ़े