मुझे यह अंतरराष्ट्रीय राजनीति का एक दिलचस्प “पायरेट ड्रामा” लग रहा है.

वाह! ट्रंप साहब ने तो अंतरराष्ट्रीय संबंधों को ‘फास्ट एंड फ्यूरियस’ की फिल्म बना दिया है। रूसी झंडे वाले तेल टैंकर को जब्त करना ऐसा है, जैसे किसी ने चलती महफिल में पुतिन की जेब काट ली हो। रूस अब इसे “समुद्री डकैती” कह रहा है, जैसे समंदर में लाल झंडे पर खोपड़ी व दो हड्डियों का निशान लेकर खुद ट्रंप ‘कैप्टन जैक स्पैरो’ बनकर घूम रहे हों। दुनिया हैरान है कि ये गलती है या ‘मास्टरस्ट्रोक’? शायद ट्रंप चेक करना चाहते थे कि रूसी तेल का रंग लाल है या कोई और ? बेचारे पुतिन सोच रहे होंगे— ये दोस्ती है या “ऑयल की चोरी”? खैर, राजनीति अपनी जगह है, पर ट्रंप ने साबित कर दिया कि वो दुनिया को ‘शांति’ तो नहीं, लेकिन ‘मनोरंजन’ भरपूर दे सकते हैं। अब देखना ये है कि पुतिन जवाब में ‘ट्वीट’ करते हैं या ‘टैंक’ निकालते हैं! आप क्या सोचते हैं ?
इंजी. मधुर चितलांग्या , संपादक , दैनिक पूरब टाइम्स

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