अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के नाम अपने संबोधन में पिछले चुनावों के नतीजों पर शक जताया है। गुरुवार शाम (भारतीय समय में शुक्रवार सुबह) अपने भाषण में ट्रंप ने एक बार फिर वो बातें कही हैं, जिनका इस्तेमाल वे 2020 के चुनाव में अपनी हार को नकारने के लिए करते रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि 18 राज्यों के मतदाताओं का डेटा चीन द्वारा हैक या चोरी किया गया था। भारतीयनौसेना जानकारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि आज मैं ऑफिस ऑफ़ द डायरेक्टर ऑफ़ नेशनल इंटेलिजेंस, डिपार्टमेंट ऑफ़ जस्टिस, FBI और CIA से कह रहा हूँ कि वे इस बात की जाँच करें कि इतनी अहम जानकारी कैसे और क्यों छिपाई गई, इस मामले को छिपाने में शामिल लोगों को नौकरी से निकालें और अगर सही लगे तो उन पर आपराधिक आरोप लगाएँ। लेकिन चीन की दखलअंदाज़ी को छिपाना तो बस शुरुआत थी।
हम जो दस्तावेज़ों का तीसरा सेट जारी कर रहे हैं, उससे साबित होता है कि कई सालों तक हमारे चुनाव की सुरक्षा को लेकर अमेरिकियों से साफ़-साफ़ झूठ बोला गया। इसमें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर भी शामिल हैं, और उनसे आसानी से छेड़छाड़ की जा सकती है।


