पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में अंत की शुरुआत हो चुकी है क्या वो इलाका जिसे पाकिस्तान ने दशकों से अपनी जागीर समझा आज उसके हाथ से फिसल रहा है। रावलकोट से मुजफराबाद तक आज सड़कों पर खून है। बारूद का धुआं है और गूंज रही है सिर्फ एक ही मांग पाकिस्तानी दमन से आजादी।
मुजफराबाद की ओर बढ़ रही निहत्ते प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी रेंजर्स ने सीधी गोलियां बरसाई जिसमें आठ बेगुनाह पीओजेके के नागरिकों की जान चली गई। यह सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं था बल्कि पाकिस्तान के खिलाफ एक पूर्ण विद्रोह है और इस बीच भारत ने वो कर दिखाया जिसके बाद इस्लामाबाद की सत्ता हिल गई है
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सीधे शब्दों में पाकिस्तान को दुनिया के सामने अपराधी घोषित कर दिया। रावलकोट बस स्टैंड हजारों की संख्या में लोग जिनमें बड़ी तादाद में महिलाएं और बच्चे शामिल थे। शांतिपूर्ण तरीके से जन मार्च के लिए इकट्ठा हुए थे।
उनका मकसद था मुजफराबाद पहुंचकर अपनी 38 सूत्री मांगों को सरकार के सामने रखना। लेकिन पाकिस्तानी हुकूमत को शांति नहीं दमन मंजूर था। पहले आंसू गैस के घने बादलों से आसमान भर दिया गया और जब लोग पीछे नहीं हटे तो पाकिस्तानी रेंजर्स ने लाइव राउंड्स यानी कि असली गोलियां दागनी शुरू कर दी।


