दुर्ग। जिले के जामुल क्षेत्र स्थित ग्राम खेरधा में प्रस्तावित बायो CNG प्लांट को लेकर शुक्रवार को विवाद गहरा गया। जिला प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल और तीन जेसीबी मशीनों के साथ प्लांट की बाउंड्री वॉल के लिए खुदाई कराने पहुंची, लेकिन इसकी जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। विरोध के चलते निर्माण कार्य रोकना पड़ा।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट का निर्माण बिना ग्राम पंचायत के प्रस्ताव, एनओसी और स्थानीय लोगों की सहमति के किया जा रहा है, जो नियमों के विपरीत है। उनका कहना है कि जिस भूमि पर प्लांट बनाया जा रहा है, वह गांव की सामूहिक चारागाह भूमि है।
ग्रामीणों ने आशंका जताई कि प्लांट शुरू होने के बाद शहर का कचरा गांव में लाया जाएगा, जिससे बदबू, प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ेंगी। इसी विरोध में ग्रामीणों ने जेसीबी मशीनों का काम रुकवा दिया।
मौके पर तनाव की स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन ग्रामीण पंचायत की अनुमति, पर्यावरणीय सुरक्षा और चारागाह भूमि बचाने की मांग पर अड़े हुए हैं। फिलहाल निर्माण कार्य बंद है और पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।


