चावल दुनिया की आधी से ज्यादा आबादी के मुख्य भोजन का हिस्सा है, लेकिन हर कोई एक ही तरह के चावल नहीं खाता। दुनियाभर में इसकी कई किस्मों की खेती की जाती है। कुछ प्रकार के चावल अधिक फाइबर, प्रोटीन और एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं, जिस कारण पोषण विशेषज्ञ उन्हें डाइट में शामिल लकरने की सलाह देते हैं।
आइए आज हम आपको स्वास्थ्यवर्धक चावलों के प्रकार के बारे में बताते हैं।
भूरे चावल- भूरे चावल डाइटरी फाइबर, कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम और मैंगनीज जैसे खनिजों से भरपूर होते हैं।
वजन घटाने के इच्छुक लोगों को इन चावलों कोअपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।
इसके अतिरिक्त भूरे चावलों का सेवन ब्लड शुगर के स्तर को भी नियंत्रित करने में मददगार है क्योंकि यह एक कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला साबुत अनाज है, जिस कारण ये मधुमेह रोगियों के लिए भी आदर्श हैं।
आर्बोरियो चावल -इन चावलों की खेती इटली में की जाती है और इसकी बनावट मलाईदार होती है। इनकी पानी सोखने की अच्छी क्षमता होने के कारण इसका स्वाद थोड़ा मीठा होता है और पकने पर कुरकुरा-सा लगता है।इसका इस्तेमाल ज्यादातर रिसोट्टो और चावल का हलवा बनाने के लिए किया जाता है।
हालांकि, इसकी कीमत अन्य चावलों की तुलना ज्यादा होती है। बता दें कि भारत में इसकी कीमत 500 रुपये प्रति किलों से शुरू होती है।
लाल चावल- लाल चावलों में उच्च एंथोसायनिन होता है, जो कई स्वास्थ्य लाभों से जुड़ा एक शक्तिशाली एंटी-ऑक्सीडेंट है। इसमें मौजूद उच्च मैग्नीशियम ऑक्सीजन सर्कुलेशन में सुधार करके अस्थमा के जोखिम कर सकता है।
इसके अतिरिक्त लाल चावलों का सेवन ऑस्टियोपोरोसिस और गठिया जैसी बीमरियों का खतरा कम करने में भी कारगर है। इसके साथ ही इनमें मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है, जिस कारण यह खराब पाचन वालों के लिए बेहतरीन खाद्य पदार्थ है।
काले चावल-काले चावलों का रंग भले ही अलग हो, लेकिन ये खाने में सफेद चावलों की तरह होते हैं। हालांकि, पोषण के मामले में ये उनसे कई गुणा ज्यादा लाभकारी होते हैं।इनमें भी उच्च एंथोसायनिन होता है,
कोशीहिकारी चावल -इन चावलों का आकार बाकि चावलों की किस्म से काफी छोटा होता है और इनकी खेती मुख्य रूप से जापान में की जाती है।


