भिलाई के पुलिस वालों को बुद्धिजीवी , बुजुर्ग, जागरूक लोग अनेक बार अनुरोध कर चुके हैं कि भिलाई के पार्कों में युवा जोड़ों के द्वारा अपनाया जा रहा खुले आम प्रेम प्रदर्शन का अश्लील अंदाज़ रोका जाए. सेक्टर 7 का पार्क या नेहरूनगर का पार्क युवाओं के लिए बिना रोकटोक वाला ज़न्नत बन चुका है, जहां किसी भी मुद्रा में बैठा जा सकता है. कई बूढ़े ऐसे सीन देखने के लिए आंख खराब होने का नाटक करते हैं , कुछ अपनी नज़र कमज़ोर होने पर खुद को कोसते हैं तो कुछ युवाओं में नैतिकता की कमी के लिए प्रशासन पर इलज़ाम लगा बैठते हैं. इसी बीच भिलाई के नेहरूनगर पार्क में आज एक ऐतिहासिक “दुर्घटना” हो गई। वहां एक ऐसा जोड़ा देखा गया जिन्होंने ‘अश्लीलता’ के सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए ‘शालीनता’ का दामन थाम लिया है। चश्मदीदों के मुताबिक, लड़का और लड़की एक-दूसरे को ‘जी’ और ‘आप’ कहकर संबोधित कर रहे थे। वे दोनों एक-दूसरे को नाम से बुला रहे थे जबकि आजकल हनी, लव, रानी, मलिका,शोना, मेरा बच्चा , बाबू ,राजा, या किसी निक नेम (प्रेम से रखा छोटा नाम ) से पुकारने का प्रचलन है. उस कपल का एक दूसरे को इस तरह से पुकारना आधुनिक प्रेम के ‘बाबू-शोना’ वाले व्याकरण की हत्या जैसा था। उनके इस व्यवहार से सभ्य लोगों की हिम्मत बढ़ने लगी और वे अन्य कपल से कहने लगे कि चलकर देखो, पार्क में कैसे बैठा जाता है . कुछ कपल ने नाराज़ होकर पार्क छोड़ दिया , बाकी को भी मज़बूरी में ठीक से बैठना पड़ा . दर्शकों की भीड़ में से, कुछ बुजुर्गों ने तो बाकायदा उस कपल का अभिनन्दन करते हुए, उन्हें हर रोज़ अलग-अलग पार्क में आने का न्योता भी दे दिया ताकि वे अन्य निरंकुश युवाओं के लिए, रोल मॉडल बनकर , बुज़ुर्गों के लिए दबाव बना पाएं. मैंने पत्रकार माधो से कहा, क्यों मज़ाक कर रहे हो , ऐसा भी कहीं होता है ? वे बोले, खुद जाकर तसल्ली कर लो . सचमुच मैं अपनी जिज्ञासा नहीं रोक पा रहा हूं और नेहरू नगर पार्क का ये अद्भुत नज़ारा देखने निकल पड़ा हूं .
इंजी. मधुर चितलांग्या “ माधो”
व्यंगकार व संपादक
दैनिक पूरब टाइम्स


