रायपुर नगर निगम में पिछले 5 दिनों से थमी डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन व्यवस्था आखिरकार बहाल हो गई है, लेकिन इस पर शुरू हुआ राजनीतिक घमासान और बयानबाजी अब चरम पर पहुंच गई है। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने के बाद भी कचरे के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
रायपुर नगर निगम में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का जिम्मा संभाल रही अनुबंधित एजेंसी ‘रामकी के ड्राइवरों, हेल्परों और लगभग 1200 सफाई कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि और पीएफ विसंगतियों जैसी 18 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी। इसके चलते शहर के सभी 70 वार्डों में कचरा उठना पूरी तरह ठप हो गया था।


