‘नेक्स्ट जेन डायल-112’ की शुरुआत

गृह मंत्री अमित शाह द्वारा रायपुर से हरी झंडी दिखाए जाने के बाद ‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ थीम पर आधारित अत्याधुनिक डायल-112 गाड़ियां और मोबाइल फॉरेंसिक वैन अब भिलाई-दुर्ग की सड़कों पर भी तैनात हो गई हैं, जिससे दुर्घटना या अपराध की स्थिति में त्वरित वैज्ञानिक जांच और पुलिस सहायता मिल सकेगी।

इस नई व्यवस्था के बाद किसी भी हादसे या अपराध की सूचना पर पुलिस और मेडिकल टीम के घटनास्थल पर पहुँचने का समय महज 10 से 15 मिनट करने का लक्ष्य रखा गया है। अब नागरिक केवल वॉयस कॉल ही नहीं, बल्कि व्हाट्सएप, चैटबॉट, एसएमएस, ईमेल, या ‘SOS-112 इंडिया’ मोबाइल ऐप के जरिए भी सीधे पैनिक बटन दबाकर मदद मांग सकेंगे।

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