नारायणपुर का नया सवेरा: ईंट-गारे के भवनों से लिखी जा रही ग्रामीण सशक्तिकरण की नई इबारत

बस्तर अंचल का नारायणपुर जिला आज बदलाव की एक जीवंत मिसाल बनकर उभर रहा है। कभी विकास की कड़ियों से कोसों दूर दिखने वाले इस क्षेत्र की तस्वीर अब बदलने लगी है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा निर्मित आधुनिक शासकीय भवन केवल कंक्रीट के ढांचे नहीं हैं, बल्कि ये ग्रामीणों की उम्मीदों, महिलाओं की आत्मनिर्भरता और नौनिहालों के भविष्य को गढ़ने वाले सशक्त केंद्र बन चुके हैं।
​कलेक्टर के मार्गदर्शन में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा और आजीविका के क्षेत्रों में किए गए इन अधोसंरचना विकास कार्यों ने शासन की जनहितैषी योजनाओं को सीधे ग्रामीणों के घर-आंगन तक पहुंचा दिया है। 
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दीदियों के सपनों को मिले आत्मनिर्भरता के पंख

     ​नारायणपुर के बेनूर गांव में 24.70 लाख रुपये की लागत से बना ‘महतारी सदन’ आज ग्रामीण महिलाओं की तकदीर बदल रहा है। यह सदन महिला स्व-सहायता समूहों (SHGs) के लिए सिर्फ एक भवन नहीं, बल्कि उनकी आजीविका का पावरहाउस है।यहां महिलाएं विभिन्न स्थानीय उत्पादों का निर्माण, पैकेजिंग और कौशल विकास का प्रशिक्षण ले रही हैं।जो महिलाएं कभी आर्थिक रूप से दूसरों पर निर्भर थीं, वे आज स्वरोजगार के दम पर अपने परिवारों की रीढ़ बन चुकी हैं।
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