गरियाबंद जिले में उदंती नदी पर करीब 9 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा निर्माणाधीन पुल तेज बहाव के चलते ढह गया। वहीं राजधानी रायपुर की खारून नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे निचले इलाकों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
बस्तर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर एक पुलिया क्षतिग्रस्त होने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है। दंतेवाड़ा के अरनपुर-जगरगुंडा मार्ग पर भूस्खलन के खतरे को देखते हुए आवाजाही रोक दी गई है। उधर कांकेर में 15.5 करोड़ रुपये की लागत से बनी नहर पहली ही तेज बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
सूरजपुर जिले के चपदा गांव में ढेकी नदी में बह गए 10 वर्षीय बच्चे का शव दो दिन बाद बरामद किया गया। DDRF और पुलिस की संयुक्त टीम ने करीब 20 से 25 किलोमीटर दूर सर्च ऑपरेशन चलाकर शव निकाला।
आरंग के निसदा गांव में बाढ़ के पानी से घिरे एक परिवार के छह सदस्यों को SDRF की टीम ने मोटरबोट की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं कोंडागांव जिले में निर्माणाधीन नाले में डूबने से 6 वर्षीय बच्ची चांदनी नाग की मौत हो गई। गरियाबंद के सुहागपुर गौठान में भी बाढ़ में फंसे एक परिवार को देर रात नगर सेना की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू किया।
मौसम विभाग के अनुसार 1 जून से 29 जुलाई तक प्रदेश में औसतन 477.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 12 प्रतिशत कम है। हालांकि इसे अभी भी सामान्य श्रेणी में रखा गया है। विभाग का कहना है कि शुक्रवार को रायपुर समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि दक्षिणी जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। शनिवार से बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने के आसार हैं।


