जानें क्यों ओडिशा के टिटलागढ़ का यह मंदिर बरसों से है आकर्षण का केंद्र

देश के कई हिस्सों में जून की भीषण गर्मी लोगों का जीना मुश्किल कर रही है। कुछ इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा रहा है, तो कहीं लू के कारण लोगों को घरों में ही रहना पड़ रहा है। इसी बीच, ओडिशा का एक मंदिर सबको हैरान कर देता है।

मंदिर के बाहर गर्मी का बुरा हाल है, लेकिन अंदर कदम रखते ही हवा इतनी ठंडी हो जाती है कि लोगों को कंबल ओढ़ने की ज़रूरत महसूस होती है। ओडिशा के टिटलागढ़ इलाके में स्थित यह शिव-पार्वती मंदिर अपनी इस अनोखी खासियत के कारण बरसों से आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। दूर-दूर से स्थानीय लोग और

तीर्थयात्री इस चमत्कारी अनुभव को महसूस करने के लिए यहाँ आते हैं।

55 डिग्री तापमान वाले इलाके में स्थित मंदिर
यह मंदिर टिटलागढ़ की कुम्हड़ा पहाड़ी पर स्थित है। टिटलागढ़ को ओडिशा के सबसे गर्म इलाकों में से एक माना जाता है; गर्मियों में यहाँ का तापमान अक्सर 50 से 55 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुँच जाता है। पथरीले इलाके और गर्म मौसम के कारण दिन के समय बाहर खड़ा होना भी मुश्किल हो जाता है। हैरानी की बात यह है कि इतनी गर्म पहाड़ी पर बने शिव-पार्वती मंदिर के अंदर का माहौल बिल्कुल अलग महसूस होता है। मंदिर परिसर में घुसते ही ठंडी हवा का एहसास होता है और अंदर का तापमान बाहर की तुलना में काफी कम होता है।

बिना AC या पंखे के प्राकृतिक रूप से ठंडा
आज के दौर में जब ठंडक के लिए एयर कंडीशनर और कूलर का आम तौर पर इस्तेमाल होता है, तब इस मंदिर में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। यहाँ न तो एयर कंडीशनर लगे हैं और न ही बड़े पंखे। इसके बावजूद मंदिर के अंदर प्राकृतिक रूप से ठंडक बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाहर जितनी ज़्यादा गर्मी बढ़ती है, मंदिर के अंदर उतनी ही ज़्यादा ठंडक महसूस होती है। यही वजह है कि यह जगह वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को अपनी ओर आकर्षित करती है।

मंदिर के पुजारी क्या कहते हैं?
मंदिर के पुजारियों और स्थानीय भक्तों का मानना ​​है कि यहाँ स्थापित भगवान शिव और माता पार्वती की दिव्य मूर्तियाँ ही इस अद्भुत ठंडक का स्रोत हैं। उनका कहना है कि जैसे-जैसे बाहर सूरज की गर्मी बढ़ती है, मंदिर के अंदर का तापमान और भी कम हो जाता है। पुजारियों के अनुसार, गर्मियों के चरम पर मंदिर के अंदर का माहौल इतना ठंडा हो सकता है कि उन्हें कंबल ओढ़ना पड़ता है। यह अनुभव आने वाले लोगों को हैरान कर देता है।

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