CGPSC घोटाला: टॉप पदों पर भर्ती में धांधली, CBI ने की बड़ी गिरफ्तारियां

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) घोटाले का मामला एक बड़ा भ्रष्टाचार कांड है, जिसमें चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं और पक्षपात के आरोप लगे हैं। यह मामला मुख्य रूप से 2019 से 2022 के बीच आयोजित परीक्षाओं से जुड़ा है।

मुख्य बिंदु:

आरोप और गिरफ्तारियां:

  • CBI ने इस मामले में पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी के भतीजे साहिल सोनवानी, बजरंग पावर के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल के बेटे शशांक गोयल, और भूमिका कटियार को गिरफ्तार किया।
  • इससे पहले नितेश सोनवानी और ललित गनवीर को भी गिरफ्तार किया गया था।
  • टामन सोनवानी और श्रवण गोयल पहले से ही हिरासत में हैं।

    घोटाले की प्रकृति:

    • आरोप है कि डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी जैसे उच्च पदों पर चयन में टामन सोनवानी ने अपने रिश्तेदारों, कांग्रेस नेताओं, और कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के करीबी लोगों को लाभ पहुंचाया।
    • CGPSC ने 2020 और 2021 में क्रमशः 175 और 171 पदों के लिए परीक्षाएं आयोजित की थीं।

    परीक्षा प्रक्रिया:

    • 2022 में आयोजित प्री और मेन्स परीक्षा के बाद 170 अभ्यर्थियों की चयन सूची जारी की गई।
    • शिकायतें हैं कि चयनित उम्मीदवारों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं थीं।

    जांच की प्रगति:

    • मामला EOW (आर्थिक अपराध शाखा) और CBI के पास है।
    • CBI की जांच जारी है और कई आरोपियों से पूछताछ के बाद गिरफ्तारियां हो रही हैं।

      निष्कर्ष:

      इस घोटाले ने छत्तीसगढ़ में चयन प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं। इस मामले में CBI की जांच से ही सच सामने आएगा और दोषियों को सजा मिलने की उम्मीद है।

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