आधुनिक तकनीक से खेती को बनाया नया मॉडल किसान मुकेश ने

बहु-फसली पद्धति के माध्यम से जैविक खेती को नया रूप दे रहा है, जो मिट्टी के स्वास्थ्य, लचीलेपन और उपज को बढ़ावा देती है। मुकेश कुजूर पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक टिकाऊ कृषि सिद्धांतों के साथ जोड़ता है-यह दर्शाता है कि प्रकृति के साथ खेती करना न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि लाभदायक, जलवायु-अनुकूल खेती का भविष्य भी है।

जशपुर जिला के विकास खंड बगीचा के ग्राम पंचायत भीतघरा के प्रगतिशील किसान मुकेश कुजूर जैसे किसान बहु-फसली खेती के माध्यम से आय दोगुनी कर सफलता का नया मॉडल पेश कर रहे हैं। टमाटर, पत्तागोभी, मक्का,खीरा और गेंदा फूल जैसी फसलें उगाकर ये किसान एक ही जमीन से वर्ष भर सीजनल और वार्षिक मुनाफा कमा रहे हैं। इस तकनीक से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और खरपतवार नियंत्रित रहते हैं।

ग्राम पंचायत भीतघरा, बगीचा विकास खंड के मुकेश कुजूर ने दिखा दिया कि नई सोच और आधुनिक तकनीक से खेती को ज्यादा लाभकारी बनाया जा सकता है। 25 एकड़ में टमाटर, पत्ता गोभी, मक्का, खीरा और गेंदा की बहु-फसली खेती कर ये बना रहे हैं सफलता का नया मॉडल अगर आप भी सीखना चाहते हैं ऐसी ही नई तकनीकें, तो 23-25 मार्च को कृषि क्रांति एक्सपो, कुनकुरी (जशपुर) में जरूर आएँ।

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