अभी तक तो मोदीजी व उनकी सरकार की बम-बम है !

आज पत्रकार माधो राजनीति के बारे में मुझसे कह रहे थे , 2009 मे 100 दिन मे महंगाई कम करने के वादे के साथ आई कांग्रेस सरकार शपथ लेते ही सॉफ मुकर गयी थी कि हमारे पास कोई जादू की छड़ी नही है .उनका परिणाम तो आपने देख लिया. 2014 मे “अच्छे दिन आने वाले है ” का नारा देकर स्पष्ट बहुमत से चुन कर आई बीजेपी सरकार ने तुरंत फरमान जारी कर दिया कि देश बीमार है ,उसे कड़वी दवाई की जरूरत है . पहले बीमारी ठीक करने की कोशिश की जाएगी , फिर अच्छे दिन की बात करना . पहले 5 साल में दवाई के रूप में रेलवे भाड़ा बढ़ाया गया , फिर नोटबंदी और बगैर तैयारी के साथ जी.एस.टी इत्यादि था. दूसरे कार्यकाल में ब्लड ,यूरिन,सिटी स्केन,एम आर आई ,सोनोग्राफी, की जांच के रूप में तीन नए कृषि कानून , नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और NRC का डर , मार्च 2020 में कोरोना महामारी के दौरान सरकार ने महज 4 घंटे के नोटिस पर देशव्यापी पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की . सार्वजनिक परिवहन ठप होने से लाखों मजदूरों को अपने छोटे बच्चों और परिवारों के साथ पैदल ही सैकड़ों किलोमीटर दूर अपने गांवों के लिए निकलना पड़ा . इसी कार्यकाल के दौरान जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना एक बहुत बड़ा सफल ऑपरेशन था . तीसरी बार सत्ता में आने पर लगा कि अब तो “अच्छे दिन” आ ही जायेंगे क्योंकि अब तो विपक्ष मैदान से उखड़ चुका था . और डॉ. मोदी सुप्रीमो बन चुके थे . पर फिर भी महंगाई , बेरोज़गारी , भ्रष्टाचार जैसी बीमारी ने आम जनता को अधमरा कर दिया . इसके साथ कॉकरोच नाम की बीमारी भी उत्पन्न हो गई जिसने मोदी सरकार के एक मंत्री को ही चट कर दिया . अब तो आप सभी डॉ. मोदी के चक्कर में फंस चुके हो .वो फिर से ब्लड ,यूरिन,सिटी स्केन,एम आर आई ,सोनोग्राफी, की जांच कराये , बेहद कड़वी दवाएं दें जो असर कर रही है कि नही , अगर नही तो फिर दवा की डोज दुगनी–तिगनी …अभी क्या है पूरे 2.5 साल बाकी है . अब बीच में ही मैं बोल पड़ा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीसरे कार्यकाल की शुरुआत से पहले सभी मंत्रालयों से जो 100 दिनों का एक्शन प्लान और ब्लू-प्रिंट मांगा था, उस पर सरकार ने तेजी से काम किया। सरकार के 100 दिन पूरे होने पर (सितंबर 2024 में) गृह मंत्री अमित शाह और अन्य केंद्रीय मंत्रियों ने बाकायदा एक सफल ‘रिपोर्ट कार्ड’ और बुकलेट जारी की थी. इस वक़्त पूरे विश्व में महंगाई व अन्य असफलता के लिये हर देश ठीकरा , चल रहे युद्ध पर फोड़ रहा है तो फिर हमारी सरकार क्यों ना फोड़े ? ठीक है, उनके मंत्रिमंडल के अनेक साथी गण अच्छा परफॉर्म नहीं कर पा रहे हैं . पर , आप बताइयेगा कि देश में मोदीजी से बेहतर कोई नेता है क्या ? इसका जवाब देते हुए वे बोले , यूँ तो मेरा भी देश की जनता की तरह मोदीजी से मोह भंग नहीं हुआ है लेकिन मोदीजी के चेहरे की भंगिमा गायब है , वह दबंगाई से आँखों में आँख डालकर आक्रामक तरह से बातों को कहना , वह व्यंगात्मक हंसी और देशभक्ति का जज़्बा अब दिखाई नहीं दे रहा है . मैंने फिर सवाल किया , पर विज्ञापन और ट्रेलर में तो मोदीजी की फिल्म सुपर हिट दिख रही थी ? पत्रकार माधो हंसते हुए बोले ,अब विज्ञापन तो तमाम आते रहते है. हाईट बढ़ाने की गारंटी के …अगर सच होता तो भारत रत्न सचिन तेंदुलकर इस उम्र मे भी लिटिल मास्टर ना बने रहते ..वो क्या विज्ञापन है “सर्व सिद्ध अंगूठी मंगाये सब मुरादे पूरी होंगी गारंटी के साथ ” अगर ऐसा होता तो क्या राहुल बाबा की यह दुर्दशा होती ? फिर वे ज़ोर ज़ोर से गाने लगे ,यार दगा दे-गया, दुल्हन को ले गया .. दिखावे पर ना जाओ, अपनी अकल लगाओ .
इंजी. मधुर चितलांग्या “माधो”
व्यंगकार व संपादक
दैनिक पूरब टाइम्स

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