वायरल फीवर और कोविड के बीच कैसे करें पहचान?

देश में कोरोना का खतरा फिर से बढ़ने लगा है। अगर आपको बार-बार बुखार हो रहा है तो सतर्क हो जाना चाहिए, लेकिन हर बुखार को कोरोना समझना सही नहीं है। मौसम बदलने के कारण वायरल फीवर भी हो सकता है, जो सामान्य बुखार की तरह होता है और ज्यादा खतरनाक नहीं होता। आइए जानते हैं डॉक्टरों की राय और बुखार आने पर क्या करना चाहिए।

कोरोना और वायरल फीवर में क्या फर्क?
झारखंड के पब्लिक हेल्थ सर्विस के डॉक्टर अनुज कुमार बताते हैं कि इस वक्त कोरोना के अलावा वायरल फीवर का भी प्रकोप है। वायरल फीवर मौसम बदलने के कारण होता है और यह आमतौर पर 2-3 दिनों में ठीक हो जाता है। मगर अगर बुखार ज्यादा दिन तक रहता है या बार-बार आता है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

कब हो जाएं सतर्क?
अगर आप किसी पुरानी बीमारी से पीड़ित हैं तो मौसम बदलते ही बुखार आ सकता है, ऐसे में बुखार को हल्के में न लें। अगर 3 दिनों तक दवाई खाने के बाद भी बुखार कम नहीं होता, तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें। बुखार के साथ पेट दर्द, दस्त या शरीर पर लाल धब्बे दिखें, तो यह गंभीर हो सकता है। बार-बार बुखार आने पर ब्लड टेस्ट कराना जरूरी है ताकि डेंगू या किसी अन्य बुखार की संभावना जांची जा सके।

बुखार आने पर घर में क्या करें?
ज्यादा आराम करें।
पैरासिटामोल जैसी दवा डॉक्टर की सलाह से लें।
खूब पानी और अन्य तरल पदार्थ पीएं।
हल्का और पौष्टिक भोजन करें।
चावल, अंडा और अन्य पौष्टिक चीजें खा सकते हैं, बुखार में इन्हें नकारात्मक मत समझें।
पानी उबालकर पीएं।
गरम पानी में नमक डालकर गरारे करें।
ओआरएस का सेवन करें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।

बुखार कब गंभीर होता है?
अगर 1 हफ्ते से बुखार कम नहीं हो रहा। घरेलू इलाज और दवाइयों के बाद भी बुखार बना रहता है। बुखार के साथ अन्य लक्षण जैसे पेट दर्द, दस्त, या शरीर पर लाल धब्बे हों। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से मिलकर जांच कराएं।

डॉक्टर की खास सलाह
डॉक्टरों का कहना है कि बुखार के कारणों को समझना जरूरी है। हर बुखार कोविड-19 नहीं होता। इसलिए बुखार आने पर जल्दबाजी में कोरोना टेस्ट के लिए भागना जरूरी नहीं। पहले अपने लक्षणों को ध्यान से देखें और अगर जरूरत हो तभी जांच करवाएं। साथ ही बुखार आने पर सही खान-पान और आराम का ध्यान रखें।

बार-बार बुखार आने पर सावधानी जरूरी है, लेकिन हर बुखार को कोरोना मान लेना सही नहीं। समय रहते डॉक्टर से सलाह लें और अपने स्वास्थ्य का खास ख्याल रखें ताकि छोटी बीमारी बड़ी न बन जाए।

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