नारी के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन से बनेगा समृद्ध छत्तीसगढ़, नारी शक्ति सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जब नारी शक्ति आगे बढ़ती है तो उसके साथ परिवार, समाज और पूरा देश आगे बढ़ता है। महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा, समान अवसर और आर्थिक स्वावलंबन प्रदान करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ की हर बेटी को अपने सपने पूरे करने का अवसर मिले और हर महिला आत्मविश्वास एवं आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़े।

मुख्यमंत्री राजधानी रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय परिसर के अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा आयोजित ‘नारी शक्ति सम्मान समारोह’ को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने चिकित्सा, शिक्षा, खेल, साइबर सुरक्षा, पत्रकारिता, कला एवं संस्कृति, कृषि, महिला उद्यमिता, सामाजिक सेवा और महिला सुरक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। उन्होंने समारोह पर आधारित ब्रोशर का भी विमोचन किया।

सम्मानित महिलाओं को बताया बेटियों की प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने सम्मानित महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि इन महिलाओं ने अपने परिश्रम, प्रतिभा, साहस और संकल्प से अलग-अलग क्षेत्रों में विशिष्ट पहचान बनाई है। उनकी उपलब्धियां केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं हैं, बल्कि उन हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा हैं जो अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी महिलाओं का सम्मान उस नारी शक्ति का सम्मान है, जो परिवार को संस्कार देती है, समाज को दिशा देती है और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

महिला आयोग को न्याय के साथ जागरूकता पर भी देना होगा जोर

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें महत्वपूर्ण और संवेदनशील जिम्मेदारी मिली है। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में आयोग महिलाओं को न्याय दिलाने, उनके अधिकारों की रक्षा करने और पीड़ित महिलाओं तक कानूनी सहायता पहुंचाने में प्रभावी भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला आयोग की भूमिका केवल शिकायतों के निराकरण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। आयोग को गांवों, कस्बों, जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचकर महिलाओं को उनके कानूनी और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना चाहिए।

13.85 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी

मुख्यमंत्री ने महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन को सशक्तिकरण की मजबूत नींव बताते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की 68 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। योजना की 31 किस्तें महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं सिलाई-कढ़ाई, कृषि एवं वनोपज आधारित गतिविधियों, लघु उद्योग और स्वरोजगार के साथ ड्रोन संचालन जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रही हैं। सरकार महिलाओं को कौशल, पूंजी, बाजार और तकनीक से जोड़कर उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।

2026 को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस वर्ष का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति के योगदान को सम्मान देने के साथ महिलाओं के लिए नए अवसरों का सृजन करना है। उन्होंने बताया कि सरस्वती साइकिल योजना से बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जबकि ‘मेरी बेटी, मेरा अभिमान’ पहल के तहत 6 हजार 671 बालिका शौचालयों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है।

महिला स्व-सहायता समूहों को प्रशिक्षण, बैठक और आर्थिक गतिविधियों के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में 481 महतारी सदनों का निर्माण किया जा रहा है। रेडी-टू-ईट कार्यक्रम का संचालन भी महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है।

महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक अधिकार मजबूत करने के लिए उनके नाम पर जमीन और संपत्ति के पंजीयन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। महिलाओं के नाम संपत्ति होने से उनका आर्थिक आधार मजबूत होता है और परिवार में उनकी भागीदारी तथा निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है।

उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण केवल योजनाओं तक सीमित विषय नहीं है। इसके लिए समाज की सोच और व्यवस्था दोनों में सकारात्मक बदलाव जरूरी है। बेटियों को अच्छी शिक्षा, युवतियों को रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर और महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान तथा आवश्यकता पड़ने पर त्वरित न्याय उपलब्ध कराना सरकार के समग्र दृष्टिकोण का हिस्सा है।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक मोतीलाल साहू, रायपुर महापौर मीनल चौबे, अंबिकापुर नगर निगम की महापौर मंजूषा भगत और छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों की महिलाएं उपस्थित रहीं।

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