पूरब टाइम्स , रायपुर/दुर्ग: छत्तीसगढ़ विधानसभा का हालिया संपन्न बजट सत्र (23 फरवरी से 20 मार्च 2026) दुर्ग जिले के लिए विकास की नई उम्मीदें और तीखे सवाल लेकर आया। सत्र के दौरान दुर्ग-भिलाई के विधायकों ने सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक पारदर्शिता जैसे विषयों पर सदन का ध्यान आकर्षित
किया। जहाँ सत्ता पक्ष के विधायकों ने पिछली सरकार की खामियों को उजागर किया, वहीं विपक्षी विधायकों ने वर्तमान योजनाओं की गति और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।
दुर्ग शहर: बुनियादी ढांचे और नगरीय नियोजन पर जोर (विधायक: गजेंद्र यादव)
दुर्ग शहर के विधायक गजेंद्र यादव ने इस सत्र में एक गंभीर और अध्ययनशील जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने शहर के भविष्य के नियोजन (City Planning) से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए।
प्रमुख सवाल और भूमिका: गजेंद्र यादव ने शहर के हृदय स्थल में बैंक भवनों के लिए भूमि आवंटन और उससे उत्पन्न होने वाली पार्किंग व यातायात की समस्या पर ध्यानाकर्षण किया।
उन्होंने तर्क दिया कि व्यावसायिक क्षेत्रों में बिना उचित पार्किंग व्यवस्था के भवनों का निर्माण भविष्य में शहर के लिए सिरदर्द बन सकता है।
अन्य मुद्दे: यादव ने दुर्ग शहर के पुराने मोहल्लों में पाइपलाइन विस्तार और अमृत मिशन के तहत छूटे हुए घरों में पानी के कनेक्शन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था
को लेकर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अतिरिक्त संसाधनों की मांग की।
मंत्रियों के जवाब: नगरीय प्रशासन मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि बैंक भवनों के लिए आवंटित 22,000 वर्ग फीट भूमि में पर्याप्त पार्किंग का प्रावधान किया गया है। साथ ही, पाइपलाइन विस्तार के लिए नए सिरे से सर्वे कराने की बात कही गई।
दुर्ग ग्रामीण: भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा और शिक्षा में सुधार (विधायक:ललित चंद्राकर)
दुर्ग ग्रामीण के विधायक ललित चंद्राकर सत्र के दौरान सबसे हमलावर रुख में नजर आए। उन्होंने न केवल अपने क्षेत्र बल्कि प्रदेश स्तर के घोटालों पर भी सरकार का पक्ष रखा।
जमीन घोटाले का मुद्दा: चंद्राकर ने सदन में आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान 200 एकड़ से अधिक बेशकीमती सरकारी जमीन को कौड़ियों के दाम (मात्र 5-6 लाख रुपये) पर निजी स्वार्थों के लिए आवंटित किया गया। उन्होंने इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
शिक्षा और वेतन विसंगति: उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में अतिथि शिक्षकों के वेतन और उनकी नियमितता पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि शिक्षकों के बीच वेतन की भारी असमानता शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही है।
अन्य मुद्दे: ग्रामीण सड़कों की बदहाली और सिंचाई नहरों के अंतिम छोर (Tail end) तक पानी न पहुँचने का मुद्दा भी उन्होंने प्रमुखता से उठाया।
मंत्रियों के जवाब: सरकार ने जमीन आवंटन मामले में जांच की घोषणा की। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि अतिथि शिक्षकों को ₹18,000 का निश्चित मानदेय दिया जा रहा है और ‘युक्तीकरण’ नीति के तहत शिक्षकों की कमी दूर की जा रही है।
भिलाई शहर: विकास कार्यों की निरंतरता और कानून-व्यवस्था (विधायक: देवेंद्र यादव)
भिलाई शहर के विधायक देवेंद्र यादव ने विपक्ष की ओर से मोर्चा संभालते हुए विकास कार्यों की धीमी गति को मुख्य मुद्दा बनाया।
रुकी हुई परियोजनाएं: यादव ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और भिलाई की ‘स्मार्ट सिटी’
योजनाओं के क्रियान्वयन में हो रही देरी पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जो बजट पिछले वित्तीय वर्ष में स्वीकृत था, उसे अब तक खर्च क्यों नहीं किया गया?
कानून-व्यवस्था: भिलाई में बढ़ती चोरी की घटनाओं और नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर उन्होंने गृह मंत्री से कड़े सवाल किए। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र के श्रमिकों की सुरक्षा के लिए पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की।
अन्य मुद्दे: भिलाई के तालाबों के सौंदर्यीकरण और टाउनशिप क्षेत्र में बिजली कटौती की समस्याओं पर भी उन्होंने चर्चा की।
मंत्रियों के जवाब: सरकार ने जवाब दिया कि तकनीकी कारणों से कुछ परियोजनाओं में देरी हुई है, लेकिन 33 नए एसटीपी पर काम तेजी से चल रहा है। सुरक्षा के मुद्दे पर पुलिस की सक्रियता
बढ़ाने का भरोसा दिलाया गया।
वैशाली नगर: पारदर्शिता और पर्यावरण संरक्षण (विधायक: रिकेश सेन)
वैशाली नगर के विधायक रिकेश सेन ने अपने क्षेत्र की सघन आबादी की समस्याओं को तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं के साथ सदन में रखा।
वित्त आयोग की राशि: सेन ने 15वें वित्त आयोग से प्राप्त राशि के उपयोग में जिला प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि वैशाली नगर जैसे बड़े क्षेत्र के लिए राशि का हस्तांतरण कब तक सुनिश्चित होगा ताकि रुके हुए नाली और सड़क निर्माण पूरे हो सकें।
अतिक्रमण और वन प्रबंधन: उन्होंने शहर के भीतर बिगड़े वनों के सुधार के नाम पर हो रहे खर्च की जानकारी मांगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर वन भूमि पर अतिक्रमण है जिसे
हटाने में प्रशासन सुस्त है।
अन्य मुद्दे: वैशाली नगर के स्कूलों के जीर्णोद्धार और खेल मैदानों को सुरक्षित करने के लिए उन्होंने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किए।
मंत्रियों के जवाब: वन मंत्री ने स्पष्ट किया कि विशिष्ट मदों के तहत आवंटित राशि का उपयोग योजनाबद्ध तरीके से हो रहा है। नगर निगम प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान
चलाने का आश्वासन दिया।
दुर्ग के लिए क्या रहा बजट सत्र का हासिल?
बजट सत्र 2026 दुर्ग जिले के लिए कुल मिलाकर सकारात्मक रहा। विधायकों की सक्रियता का ही
परिणाम था कि सरकार ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
- महतारी वंदन योजना और मुख्यमंत्री आदर्श शहर योजना के तहत दुर्ग-भिलाई को बड़ा फंड
मिलने का रास्ता साफ हुआ। - दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए विशेष बजटीय प्रावधान किए
गए। - उच्च शिक्षा के लिए दुर्ग शहर और वैशाली नगर में कॉलेजों के उन्नयन की घोषणा की
गई।


