इन योगासन से डायबिटीज में बिना दवा के मिलेगी रहत ,रोजाना करें सिर्फ 10 मिनट अभ्यास

योग न सिर्फ मानसिक शांति देता है बल्कि शरीर के मेटाबॉलिज्म, हार्मोन संतुलन और ब्लड शुगर को भी नियंत्रित करता है। नियमित सुबह कुछ योग करने से शुगर का स्तर काबू में रहता है। बिना दवा या इंसुलिन डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए डाॅक्टर की सलाह के अनुसार योग कर सकते हैं। अधिकतम और जल्द लाभ पाने के लिए योग के साथ संतुलित आहार और पर्याप्त नींद भी जरूरी है। इस लेख में पांच प्रमुख योगासन बताए जा रहे हैं जो डायबिटीज को कंट्रोल करने में बेहद प्रभावी माने जाते हैं।

धनुरासन : इस योगासन में शरीर धनुष की तरह दिखाई देता है। यह आंतरिक अंगों पर सकारात्मक दबाव डालता है और पैंक्रियाज को टोन करता है। रोज 15 से 20 सेकंड धनुरासन के दो सेट का अभ्यास पर्याप्त है।

कपालभाति प्राणायाम: कपालभाति प्राणायाम शक्तिशाली श्वास तकनीक है जो ब्लड शुगर लेवल को जल्दी नियंत्रित करती है। इसका अभ्यास पेट की चर्बी कम करने में मददगार है, साथ ही इसके अभ्यास से टाइप-2 डायबिटीज को नियंत्रित किया जा सकता है। कपालभाति प्राणायाम का अभ्यास प्रतिदिन पांच से 10 मिनट रोजाना करें।

वज्रासन : खाना खाने के बाद वज्रासन का अभ्यास सबसे ज्यादा फायदेमंद है। यह आसन पाचन को सुधारता है और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसे दिन में दो बार 5–10 मिनट तक किया जा सकता है।

अर्ध मत्स्येन्द्रासन: यह आसन पैंक्रियास को सक्रिय करता है और इंसुलिन के स्राव को संतुलित करता है। अर्ध मत्स्येन्द्रासन का अभ्यास लिवर और किडनी की कार्यक्षमता भी बढ़ाता है। इसे सुबह खाली पेट करना सबसे अच्छा होता है।

मंडूकासन : मंडूकासन का अभ्यास डायबिटीज के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है क्योंकि यह पैंक्रियाज को उत्तेजित करता है। इससे इंसुलिन का प्राकृतिक उत्पादन बेहतर होता है। दिन में दो बार मंडूकासन का अभ्यास करने से फर्क दिखता है।

नोट : किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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