बारनवापारा अभयारण्य: छत्तीसगढ़ का प्रकृति का स्वर्ग

बारनवापारा अभयारण्य: छत्तीसगढ़ का प्रकृति का स्वर्ग

परिचय:
बारनवापारा अभयारण्य छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में स्थित एक प्रमुख वन्यजीव अभयारण्य है। यह घने जंगलों, विविध वनस्पतियों और दुर्लभ वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध है। इसका नाम बार और नवापारा नामक दो गाँवों से मिलकर बना है। यह अभयारण्य पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक स्वर्ग समान स्थान है।

भौगोलिक विशेषताएँ:

  • कुल क्षेत्रफल: 245 वर्ग किलोमीटर
  • ऊँचाई: 265 से 400 मीटर समुद्र तल से ऊँचा
  • स्थलाकृति: समतल और पहाड़ी क्षेत्र का सुंदर मिश्रण
  • प्रमुख नदियाँ: बालमदेही, जोंक और महानदी (अभयारण्य की जीवनरेखा)
  • वार्षिक वर्षा: लगभग 1200 मिमी

वनस्पति और पारिस्थितिकी तंत्र:
बारनवापारा अभयारण्य में सागौन, साल, तेंदू, बीजा, सेमल, बेंत और साक जैसे वृक्षों की बहुतायत है। यहाँ शुष्क पर्णपाती जंगल पाए जाते हैं, जो इसे वन्यजीवों के अनुकूल बनाते हैं।

वन्यजीव:
यह अभयारण्य बाघों, तेंदुओं और हाथियों की उपस्थिति के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ निम्नलिखित वन्यजीव पाए जाते हैं:

  • मांसाहारी: बाघ, तेंदुआ, हाइना, जंगली कुत्ते
  • शाकाहारी: चिंकारा, ब्लैक बक, बार्किंग डियर, चार सींग वाले हिरण
  • अन्य: अजगर, साही, जंगली भैंस
  • पक्षी: बगुले, बुलबुल, तोता, इग्रेट्स
  • तितलियाँ: 150 से अधिक प्रजातियाँ, जिनमें क्रिमसन रोज, सिपोरा निरिसा, जेनेलिया लेपीडिया आदि शामिल हैं।

विशेष आकर्षण:

  • 14-16 हाथियों का स्थायी दल जो पिछले तीन वर्षों से यहाँ निवास कर रहा है।
  • बटरफ्लाई मीट: छत्तीसगढ़ वन विभाग की एक अनूठी पहल।
  • इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यक्रम और संरक्षण परियोजनाएँ।

बारनवापारा कैसे पहुँचें?

  • हवाई मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा रायपुर (85 किमी) है।
  • रेल मार्ग: निकटतम रेलवे स्टेशन महासमुंद (60 किमी), रायपुर (90 किमी) है।
  • सड़क मार्ग: यह रायपुर, महासमुंद, पिथौरा, कसडोल, बालोदाबाजार से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है।

निष्कर्ष:
बारनवापारा अभयारण्य छत्तीसगढ़ का एक प्राकृतिक रत्न है, जहाँ जैव विविधता, वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन का अनूठा संगम देखने को मिलता है। यदि आप प्रकृति और वन्यजीव प्रेमी हैं, तो यह स्थान आपके लिए एक अविस्मरणीय अनुभव होगा।

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