Total Users-

1,228,342

spot_img

Total Users-

1,228,342
Monday, May 25, 2026
spot_img

क्या भिलाई निगम के महाबली सफाई अधिकारी, दबंगाई से श्रम विभाग को भी रखते हैं अपनी जेब में ?

भारत सरकार स्वच्छता सर्वेक्षण करती है, लेकिन भिलाई के नगर निगम ने अपना खुद का “अस्वच्छता सर्वेक्षण” शुरू किया है। यहां प्रतियोगिता इस बात की नहीं है कि झाड़ू कहां लगी है, बल्कि इस बात की है कि किस वार्ड में कचरे के ढेर ने ‘लैंडमार्क’ का रूप ले लिया है। अगर आप किसी को रास्ता बता रहे हैं, तो आप यह नहीं कहते कि “नीली बिल्डिंग के पास आ जाओ,” बल्कि आप कहते हैं, “बाएं मुड़ना जहां गाजर घास ने ट्री-गार्ड को गले लगा लिया है। भिलाई की नालियों में बहता काला पानी दरअसल “तरल सोना” है, जिसमें मच्छरों की अगली पीढ़ी स्टार्टअप्स शुरू कर रही है। यहां के मच्छर साधारण नहीं, ‘स्पेशल फोर्सेस’ के कमांडो हैं। निगम का तर्क है कि मच्छर पालने से जनता में सतर्कता बढ़ती है और लोग रात भर जागकर “पहरेदारी” करते हैं। नालियों का जाम होना दरअसल एक ‘वॉटर कंजर्वेशन’ स्कीम है—पानी को बाहर क्यों जाने देना, जब उसे मोहल्ले में ही सड़ाया जा सकता है? ठेकेदार और इंजीनियर , यदि अच्छी सड़क बनवा देंगे तो फिर उनमें हर साल गड्ढा कैसे होगा ? निगम का मानना है कि गड्ढे होने से गाड़ियां धीरे चलती हैं, जिससे एक्सीडेंट कम होते हैं। यह एक ‘इन-बिल्ट ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम’ है। बारिश में यही डबरे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बन जाते हैं . आजकल सफाई अधिकारी फील्ड पर नहीं, बल्कि व्हाट्सएप ग्रुपों पर तैनात रहते हैं। उनका मुख्य काम सफाई करवाना नहीं, बल्कि सफाई की ‘फोटो खिंचवाना’ है। श्रम विभाग से भी दबंगाई से अपारदर्शिता रखने वाले इन सफाई अधिकारियों का सबसे बड़ा हुनर ‘घोस्ट एम्प्लॉइज’ (भूतिया कर्मचारियों) का प्रबंधन है। कागजों पर जितने सफाई कर्मी तैनात होते हैं, जमीन पर केवल लगभग 80 प्रतिशत ही दिखते हैं। बाकी के कर्मचारी शायद अदृश्य होकर शहर साफ करते रहते हैं ! अधिकारी महोदय का आधा समय इसी गणित में बीतता है कि सफाई ठेकेदार के उन ‘अदृश्य’ लोगों की तनख्वाह और वर्दी का बजट किस तरह ‘एडजस्ट’ किया जाए ? यह भ्रष्टाचार की वह झाड़ू है जो सरकारी खजाने को तो साफ कर देती है, लेकिन सड़क को नहीं। अब मैं रुकता हूं क्योंकि इतना सारा मटेरियल लिखने के लिये है कि मुझे धारावाहिक लिखना पड़ेगा.
इंजी. मधुर चितलांग्या
व्यंगकार व संपादक
दैनिक पूरब टाइम्स

More Topics

दुर्ग में एक ही परिवार के 4 लोगों की सामूहिक मौत, इलाके में सनसनी

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र...

’मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत’

सुशासन तिहार 2026 के समाधान शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु...

इसे भी पढ़े