इस वाक्य में 185 देशों में बंटी पृथ्वी के आठ अरब मनुष्यों के इतिहास-वर्तमान की व्याख्या है . मौजूदा समय में छुरी वाले ग्रेट नेशन्स, ग्रेट गैंगस्टर्स कौन हैं? इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप , रूस के पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ।और छोटे व कमज़ोर मानसिकता वाले देशों के विदेश मंत्री, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति भी इनके आगे अपनी जमीर, अपना ईमान बेचते हैं , चाहे मजबूरी में ही क्यों ना हो. न्यूयॉर्क की वह शानदार इमारत, जिसे संयुक्त राष्ट्र कहा जाता है, दरअसल एक ऐसी पंचायत है जहाँ जज भी वही हैं जो मुजरिम हैं। यहाँ छोटे देश अपनी फटी हुई कमीज (अर्थव्यवस्था) और सूजी हुई आंखें (युद्ध के घाव) लेकर न्याय मांगने आते हैं। लेकिन पंचायत का नियम स्पष्ट है—सच्चाई वह है जो पांच ‘वीटो’ वाले गैंगस्टर बोलेंगे। जब भी कोई छोटा देश अपनी अस्मत या जमीन बचाने के लिए चीखता है, तो रूस, चीन या अमेरिका में से कोई एक अपनी जेब से ‘वीटो’ निकालता है और पूरी दुनिया की नैतिकता वहीं ढेर हो जाती है। ये दादा तय करते हैं कि पड़ोस के किस घर में चूल्हा जलेगा और किसके यहाँ मातम मनेगा। छोटे देश उन डरे हुए किरायेदारों की तरह हैं, जो जानते हैं कि अगर उन्होंने ‘हक’ की बात की, तो अगले ही दिन उनका बिजली-पानी (सप्लाई चेन और ट्रेड) काट दिया जाएगा। इजरायल से लेकर रूस तक, ये ‘महान राष्ट्र’ दरअसल दुनिया के सबसे बड़े कसाई हैं जो ‘मौत का शोरूम’ चलाते हैं। वे अपनी नई मिसाइलों और ड्रोन्स का परीक्षण करने के लिए छोटे देशों को युद्ध की आग में झोंक देते हैं। छोटे देश उन बेवकूफ खरीदारों की तरह हैं जो अपना पेट काटकर उन्हीं से हथियार खरीदते हैं जो कल उनके ऊपर ही इस्तेमाल हो सकते हैं। वैसे तथाकथित महान राष्ट्र हमेशा गैंगस्टरों की तरह व्यवहार करते हैं, वहीं छोटे राष्ट्र वेश्याओं की तरह उपभोग किये जाते हैं .
इंजी. मधुर चितलांग्या
व्यंगकार व संपादक
दैनिक पूरब टाइम्स


