West Asia में गहराते समुद्री संकट के बीच भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए मोदी सरकार का बड़ा ऐलान

पश्चिम एशिया में लगातार गहराते समुद्री सुरक्षा संकट के बीच भारत सरकार ने अपने नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक बड़ा और व्यापक फैसला लिया है। फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में संचालित हर जहाज पर तैनात प्रत्येक भारतीय नाविक की निगरानी अब सरकार सीधे करेगी, चाहे वह जहाज किसी भी देश के ध्वज के तहत संचालित हो।

सरकार ने “नाविक प्रथम” पहल की शुरुआत करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि संकट की इस घड़ी में किसी भी भारतीय नाविक को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और उसकी सुरक्षा, सहायता तथा परिवार की देखभाल के लिए पूरी सरकारी व्यवस्था चौबीसों घंटे सक्रिय रहेगी। दक्षिण-एशियाईऔर प्रवासी

यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में दो वाणिज्यिक तेल टैंकरों पर हुए मिसाइल हमलों ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया। इन हमलों में भारतीय नाविक रोहन कुमार की मौत हो गई, जबकि कई अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

एमटी अल बहियाह और एमटी मोम्बासा नामक दोनों जहाजों पर कुल 46 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें 30 भारतीय थे। एमटी अल बहियाह पर एक भारतीय नाविक की जान चली गई और एक अन्य घायल हुआ, जबकि एमटी मोम्बासा पर नौ भारतीय घायल हुए, जिनमें दो की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।

More Topics

पीएम मोदी का एनडीए सांसदों ने ‘मंगल मिलन’बैठक में ‘वंदे मातरम’ नारों के साथ किया स्वागत

मंगलवार को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में सत्ताधारी...

स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने हुनर से संवारी राखियों की खूबसूरती

मोती, धान-चावल, बीज और रक्तमौली धागों से तैयार राखियों...

इसे भी पढ़े