भारत निर्मित 3 कफ सिरप खतरनाक घोषित: WHO ने जारी किया अलर्ट, कोल्ड्रिफ में मिला 48% जहरीला रसायन

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत में निर्मित तीन कफ सिरप को खतरनाक बताते हुए वैश्विक अलर्ट जारी किया है। इनमें से एक है तमिलनाडु स्थित श्रीसन फार्मास्युटिकल्स कंपनी द्वारा बनाया गया कोल्ड्रिफ कफ सिरप, जिसके सेवन से मध्य प्रदेश में 20 बच्चों की मौत का दर्दनाक मामला सामने आया था।

कोल्ड्रिफ में 48% जहरीला रसायन

WHO की जाँच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि कोल्ड्रिफ सिरप में डायथिलीन ग्लाइकोल (DEG) नामक जहरीला रसायन अत्यधिक मात्रा में मौजूद था।

  • जहर की मात्रा: कोल्ड्रिफ में डीईजी की मात्रा 48% से भी ज्यादा पाई गई।
  • सुरक्षित सीमा: WHO के अनुसार, दवा में इस रसायन की सुरक्षित सीमा सिर्फ 0.1% होनी चाहिए।
  • खतरा: डीईजी किडनी और लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचाता है और खासकर बच्चों के लिए जानलेवा होता है।

2 और सिरप जानलेवा घोषित

कोल्ड्रिफ के अलावा, WHO ने दो अन्य भारतीय निर्मित कफ सिरप को भी खतरनाक पाया है:

  1. रेस्पिफ्रेश टीआर (Resprifresh TR): रेडनेक्स फार्मास्युटिकल्स द्वारा निर्मित।
  2. रीलाइफ (Relief): शेप फार्मा द्वारा निर्मित।

WHO ने सभी देशों से अपील की है कि अगर ये खतरनाक सिरप कहीं भी मिलें, तो तुरंत इसकी सूचना दें ताकि इन्हें बाज़ार से हटाया जा सके।

सरकार की कार्रवाई और निर्देश

मध्य प्रदेश की घटना सामने आने के बाद सरकार ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी थी:

  • कंपनी पर कार्रवाई: WHO की रिपोर्ट आने से पहले ही श्रीसन फार्मास्युटिकल्स की दवा बनाने की अनुमति रद्द कर दी गई थी और कंपनी के मालिक जी. रंगनाथन को गिरफ्तार कर लिया गया था।
  • सख्त जाँच: तमिलनाडु में सभी दवा कंपनियों की फैक्ट्रियों की सख्त जाँच शुरू की जा रही है।
  • केंद सरकार की सलाह: केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को सलाह दी है कि 2 साल से छोटे बच्चों को कफ सिरप न दें और 5 साल से कम उम्र के बच्चों को केवल जरूरत पड़ने पर ही सावधानी से सिरप दें।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस घटना को दवा कंपनियों की निगरानी में कमी का परिणाम बताया है और दवा बनाने की प्रक्रिया पर सख्त नियंत्रण और हर बैच की कड़ी जाँच की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है।

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