राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विजेताओं को दिये नेशनल वाटर अवार्ड्स 2024

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार और जल संचय-जन भागीदारी पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल भी उपस्थित थे। राष्ट्रपति ने पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मानव सभ्यता की गाथा नदी घाटियों, समुद्र तटों और विभिन्न जल स्रोतों के आसपास बसे समूहों की कहानी है।

उन्होंने कहा, ”हमारी परंपरा में नदियां, झीलें और अन्य जल स्रोत पूजनीय हैं। हमारे राष्ट्रीय गीत में बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा लिखा गया पहला शब्द “सुजलम्” है। इसका अर्थ है “प्रचुर जल संसाधनों से धन्य”। यह तथ्य हमारे देश के लिए जल की प्राथमिकता को दर्शाता है।”

राष्ट्रपति ने कहा, ”जल का कुशल उपयोग एक वैश्विक अनिवार्यता है। हमारे देश के लिए जल का कुशल उपयोग और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हमारी जनसंख्या की तुलना में हमारे जल संसाधन सीमित हैं। प्रति व्यक्ति जल उपलब्धता एक बड़ी चुनौती है।” उन्होंने इस बात पर बल दिया कि जलवायु परिवर्तन जल चक्र को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में, सरकार और जनता को जल उपलब्धता और जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।

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