यूक्रेन में पकड़े गए उत्तर कोरियाई सैनिकों का दावा: युद्ध नहीं, केवल प्रशिक्षण के लिए आए थे

यह खबर उत्तर कोरिया, रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे घटनाक्रम से जुड़ी है, जिसमें दो उत्तर कोरियाई सैनिकों को यूक्रेन ने पकड़ा है। उनकी पहचान और उनके दावों को लेकर जो विवरण दिए गए हैं, वे महत्वपूर्ण हैं। आइए इसे क्रमबद्ध तरीके से समझते हैं:

कैदियों की पहचान और बयान:

  • पकड़े गए सैनिकों में से एक ने दावा किया कि वह यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के लिए नहीं, बल्कि प्रशिक्षण के लिए जा रहा था।
  • एक सैनिक के पास रूसी सैन्य पहचान पत्र था, जो किसी और के नाम पर पंजीकृत था।
  • दोनों सैनिकों की उम्र क्रमशः 20 और 25 वर्ष है, और वे उत्तर कोरियाई सेना में कई वर्षों से सेवा कर रहे थे।

    पूछताछ और अनुवाद:

    • यूक्रेनी सुरक्षा सेवा (एसबीयू) ने दक्षिण कोरिया की खुफिया सेवा के दुभाषियों की मदद से पूछताछ की, क्योंकि कैदी न तो यूक्रेनी, न रूसी और न ही अंग्रेजी बोल सकते थे।

    चिकित्सा देखभाल और अंतर्राष्ट्रीय कानून:

    • सैनिकों को पकड़े जाने के बाद घावों के लिए चिकित्सा सहायता दी गई और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार रखा गया।

    उत्तर कोरिया और रूस का संबंध:

    • रिपोर्ट्स के अनुसार, उत्तर कोरिया ने रूस की सहायता के लिए करीब 11,000 सैनिक भेजे हैं। यह रूस-यूक्रेन युद्ध में उत्तर कोरिया की सहभागिता को दर्शाता है।

      यह मामला रूस और उत्तर कोरिया के सैन्य संबंधों और उनकी रणनीतिक साझेदारी की गहराई को उजागर करता है। यह भी स्पष्ट करता है कि यूक्रेन इस संघर्ष में कितनी सावधानी और रणनीति के साथ काम कर रहा है।

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