दक्षिण चीन सागर की लहरें इस वक्त बारूद की गन से भरी हुई है। एक तरफ दुनिया का सबसे बड़ा विस्तारवादी देश चीन है जो समुद्र को अपनी जागीर समझता है और दूसरी तरफ भारत का वो जांबाज दोस्त जिसने हाल ही में भारत से ब्रह्मोस जैसी घातक मिसाइलें खरीद ली हैं।
फिलीपींस ने चीन की चालबाजियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा सैन्य और रणनीतिक ऐलान कर दिया है। फिलीपींस ने साफ कह दिया कि अब बातचीत का समय बीत चुका है और कार्रवाई का वक्त शुरू हो चुका है।
चीन के जिस ड्रोन, मदरशिप और जासूसी जहाजों से पूरी दुनिया खौफ खाती है, उन्हें खदेड़ने के लिए फिलीपींस ने अपने विमान और जंगी जहाज तैनात कर दिए हैं। चीन ने फिलीपींस के समुद्री जल क्षेत्र जिसे हम वेस्ट फिलीपींस सी कहते हैं वहां अपना सबसे आधुनिक और खतरनाक हथियार भेज दिया है और इसका नाम है जुआईयन।
यह कोई साधारण जहाज नहीं है। इसे दुनिया का पहला इंटेलिजेंट ड्रोन मदरशिप कहा जाता है। यह समुंदर में चलता फिरता एक ऐसा रोबोटिक अड्डा है जो एक साथ 50 से ज्यादा मानव रहित ड्रोंस यानी कि यूएवीस, समुद्री ड्रोंस और पानी के नीचे रहने वाले ड्रोंस यानी कि यूवीस को कंट्रोल कर सकता है।
चीन का दावा है कि यह समुद्री रिसर्च के लिए है। लेकिन हकीकत यह है कि यह ड्रोन समुंदर की गहराई में जासूसी करते हैं। नक्शे बनाते हैं और दुश्मन की पनडुब्बियों का रास्ता खोजते हैं। इसे फिलीपींस के बोली नाव और विवादित स्पिरेटली आइसलैंड के पास देखा गया है। चीन को लगा था कि वह चुपके से फिलीपींस के इलाके में घुस जाएगा। लेकिन वह भूल गया कि फिलीपींस के पास अब दुनिया भर के दोस्तों का साथ है।


