चीन में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान ने एक बार फिर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। चीन की सैन्य अदालत ने पूर्व रक्षा मंत्रियों ली शांगफू और वेई फेंघे को रिश्वतखोरी और सत्ता के दुरुपयोग के मामलों में दो वर्ष की मोहलत के साथ मौत की सजा सुनाई है।
यह फैसला चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के उस व्यापक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत सेना, प्रशासन, न्याय व्यवस्था और सरकारी कंपनियों में फैले भ्रष्टाचार पर कठोर कार्रवाई की जा रही है।
चीनी सरकारी समाचार संस्था शिन्हुआ के अनुसार दोनों पूर्व रक्षा मंत्रियों को आजीवन राजनीतिक अधिकारों से वंचित कर दिया गया है और उनकी सारी निजी संपत्ति जब्त कर ली गई है।
दो वर्ष की मोहलत वाली मौत की सजा का अर्थ यह है कि यदि दोषी जेल में अच्छा व्यवहार करते हैं तो उनकी सजा बाद में बिना पैरोल वाली उम्रकैद में बदली जा सकती है। चीन में यह व्यवस्था लंबे समय से लागू है और विशेष रूप से बड़े भ्रष्टाचार मामलों में इसका उपयोग किया जाता है।


