‘ट्रंप का फैसला मूर्खतापूर्ण और विध्वंसकारी…’, US इकोनॉमिस्ट ने टैरिफ पर कहा- ‘भारतीयों ने सबक सीख लिया कि अमेरिका पर भरोसा नहीं कर सकते, निक्की हेली ने भी चेताया

US Economist Jeffrey Sachs On Trump Tariff Over India: अमेरिकी अर्थशास्त्री जैफ़्रे डी सैच्स ने भारत पर टैरिफ लगाने के फैसले को अमेरिकी विदेश नीति (US foreign policy) की सबसे बड़ी गलती बताया है। जैफ्रे सैच्स ने कहा कि भारत पर टैरिफ लगाने के डोनाल्ड ट्रंप के फैसले को मूर्खतापूर्ण और विध्वंसकारी करार दिया है। उन्होंने चेताया कि इससे अमेरिका-भारत संबंधों (US-India Relations) को दीर्घकालिक नुकसान होगा।

सैच्स ने चेतावनी दी कि इन टैरिफ का असर लंबे समय तक रहेगा। भारत, जो अमेरिका के लिए रणनीतिक और कूटनीतिक साझेदार बन सकता था, उस पर इस तरह का कदम उठाना बड़े नुकसान की वजह बनेगा। उन्होंने कहा कि भारतीयों ने अब यह सबक सीख लिया है कि आप अमेरिका पर भरोसा नहीं कर सकते। सैच्स ने कहा कि अगर कल टैरिफ हटा भी दिए जाएं तो भी भारत के मन में अमेरिका की छवि खराब हो चुकी है।

जैफ़्रे डी सैच्स ने टैरिफ को पूरी तरह विफल बताया। उन्होंने कहा कि इनसे किसी भी देश को बातचीत की मेज़ पर लाने में कोई फायदा नहीं हुआ। उल्टा, इसने वर्षों से अमेरिकी विदेश नीति के जिस पहलू पर भरोसा किया जा रहा था, उसे कमज़ोर कर दिया।

अमेरिकी नेताओं पर हमला


इंटरव्यू के दौरान सैच्स ने अमेरिकी नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने सीनेटर लिंडसे ग्राहम को अमेरिका के सबसे घटिया सीनेटर और मूर्ख तक कह डाला। ट्रंप के पूर्व व्यापार सलाहकार पीटर नवारो को उन्होंने अयोग्य करार दिया। सैच्स ने कहा कि नवारो जैसे सलाहकारों ने अमेरिकी विदेश नीति को कमजोर किया और दुनिया में अमेरिका की साख को चोट पहुंचाई है।

ट्रंप के फैसले ने BRICS को एकजुट होने का मौका दिया

सैच्स ने कहा कि 25% पेनल्टी टैरिफ लगाकर अमेरिका ने ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका (BRICS) को एकजुट होने का बेहतरीन मौका दे दिया है। टैरिफ लगाए जाने के 24 से 48 घंटों के भीतर इन देशों के बीच संपर्क तेज हो गया। इसने अमेरिका के रणनीतिक हितों को नुकसान पहुंचाते हुए ब्रिक्स देशों को और मजबूत किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ब्रिक्स देशों को एकजुट करने वाले महान व्यक्ति साबित हुए।

निक्की हेली ने ट्रंप प्रशासन को चेताया

इधर भारत और अमेरिका को बिगड़ते रिश्तों पर अमेरिका की पूर्व राजदूत निक्की हेली ने ट्रंप प्रशासन को चेताया है। उन्होंने कहा कि चीन का सामना करने के लिए, अमेरिका को भारत जैसे एक दोस्त की जरूरत है। इस बात को अमेरिका को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। निक्की हेली ने ट्रंप प्रशासन को चेतावनी दी है कि भारत-अमेरिका संबंध एक नाजुक मोड़ पर हैं। यदि वाशिंगटन को चीन की वैश्विक महत्वाकांक्षाओं को नियंत्रित करना है तो इन संबंधों को जल्द से जल्द सुधारना होगा।

हेली ने बुधवार को न्यूजवीक में प्रकाशित एक लेख में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को रूसी तेल के मुद्दे और टैरिफ विवाद को दुनिया की दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्तियों के बीच दरार पैदा करने की अनुमित नहीं देनी चाहिए। उन्होंने लिखा, ‘संयुक्त राज्य अमेरिका को अपनी सबसे महत्वपूर्ण बात को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। चीन का सामना करने के लिए, अमेरिका को भारत जैसे एक दोस्त की जरूरत है।

चीन को रोकने में भारत की अहम भूमिका
हेली ने कहा कि एशिया में चीन के प्रभुत्व का मुकाबला करने वाला एकमात्र देश भारत है। भारत के पास चीन जैसे पैमाने पर मैन्युफैक्चर करने की क्षमता है, जो अमेरिका को चीन के बजाए भारत के जरिए अपनी सप्लाई चेन की डिमांड को पूरा करने में मदद पहुंचा सकती है। भारत के अमेरिका और इजरायल जैसे देशों के साथ मजबूत रक्षा संबंध इसे विश्व की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बनाते हैं। हेली का मानना है कि आने वाले समय में भारत चीन की महत्वाकांक्षाओं को कमजोर करेगा।

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