फ्रांस और स्पेन में लगी जंगल की आग ने शनिवार को भीषण रूप ले लिया. इस कारण रविवार को हजारों लोगों ने राहत शिविरों में शरण ली. आग इतनी तेजी से फैली कि 3 लाख से अधिक लोगों को अपने घरों और छुट्टियां बिताने के लिए लिए गए होटल और अन्य ठिकाने छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा. इन आगजनी की घटनाओं में कई घर जलकर नष्ट हो गए हैं और बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं.
फ्रांस में इसे शांति काल के दौरान किए गए सबसे बड़े नागरिक निकासी अभियानों में से एक माना जा रहा है. दोनों देशों में कई इलाकों में आग अब भी बेकाबू बनी हुई है. पूर्वी स्पेन में एक व्यक्ति की मौत हो गई है. वहीं फ्रांस के बोर्डो शहर और स्पेन की राजधानी मैड्रिड के आसपास के इलाकों में नई निकासी के आदेश जारी किए गए हैं. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि हालात अभी और कठिन हो सकते हैं.
आग और धुएं से बचकर निकले परिवारों ने प्रदर्शनी केंद्रों, खेल परिसरों और जिम्नेजियमों में लगाए गए अस्थायी राहत शिविरों में रात बिताई. इनमें स्थानीय निवासी और पर्यटक दोनों शामिल हैं, जिन्हें अभी यह भी नहीं पता कि वे अपने घर या ठहरने की जगह पर कब लौट पाएंगे. फ्रांस के गिरोंद अग्निशमन विभाग के अनुसार, आग के कारण एक दुर्लभ ‘पायरो क्यूम्युलोनिंबस’ बादल बना, जिसने अपनी ही हवाएं और बवंडर पैदा कर दिए. इससे आग का फैलाव बेहद अनियमित हो गया और उस पर काबू पाना लगभग असंभव हो गया. अग्निशमन अधिकारी कैप्टन निकोलस ब्राज ने बताया कि इसी वजह से आग लगातार दिशा बदल रही है.


