मूली के पत्तों को फेंके नहीं, इस्तेमाल करें

मूली के पत्ते अक्सर नज़रअंदाज़ कर दिए जाते हैं और लोग इन्हें फेंक देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन पत्तों में विटामिन C, कैल्शियम, आयरन और फाइबर जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं, जो हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हैं? सर्दियों के मौसम में मूली की भरमार होती है और लोग अचार, सब्जी, सलाद आदि बनाने में इसका इस्तेमाल करते हैं, लेकिन मूली के पत्तों का भी भरपूर फायदा उठाया जा सकता है। इन्हें फेंकने के बजाय आप इनसे स्वादिष्ट साग, पराठा, सूप और अन्य व्यंजन बना सकते हैं। आइए जानते हैं मूली के पत्तों से बनने वाली कुछ आसान और हेल्दी रेसिपीज़:

  1. मूली के पत्तों का स्टिर-फ्राई
    यह एक झटपट बनने वाली साइड डिश है, जो रोटी या चावल के साथ परफेक्ट होती है।

सामग्री
2 कप मूली के पत्ते (कटे हुए)
1 छोटा प्याज (बारीक कटा हुआ)
1 हरी मिर्च (कटी हुई)
1 छोटा चम्मच जीरा
1 बड़ा चम्मच तेल
स्वाद अनुसार नमक
1/4 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर

बनाने का तरीका
एक पैन में तेल गरम करें और उसमें जीरा डालें। जब जीरा चटकने लगे, तो उसमें प्याज और हरी मिर्च डालकर सुनहरा होने तक भूनें। हल्दी पाउडर डालें और फिर कटी हुई मूली के पत्ते डालकर मसालों से अच्छे से मिला लें। नमक डालकर पैन को ढक दें और 5-7 मिनट तक पत्ते पकने दें। गरमागरम पराठे या चावल के साथ परोसें।

  1. मूली के पत्तों का पराठा
    यह एक स्वादिष्ट और हेल्दी नाश्ता है, जो खासतौर पर सुबह के समय बहुत अच्छा लगता है।
    सामग्री
    1 कप गेहूं का आटा
    1 कप मूली के पत्ते (बारीक कटे हुए)
    1/2 छोटा चम्मच नमक
    1/2 छोटा चम्मच अजवायन
    पानी (आवश्यकतानुसार)
    घी या तेल (पकाने के लिए)

बनाने का तरीका
एक बाउल में गेहूं का आटा, कटी हुई मूली के पत्ते, नमक और अजवायन डालकर अच्छे से मिला लें। धीरे-धीरे पानी डालते हुए नरम आटा गूंथ लें और 10 मिनट के लिए रख दें। आटे की छोटी-छोटी लोइयां बना लें और उन्हें बेलन से बेल लें। एक तवा गरम करें और पराठों को घी या तेल में दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेंक लें। दही या अचार के साथ गरमागरम परोसें।

More Topics

रक्षा सूत्र से बंधा ‘पक्के घर’ का संकल्प

-मोहला की ग्राम पंचायतों में अनूठे अंदाज में मनाया...

बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री निवास में आज रक्षाबंधन का पर्व आत्मीयता, स्नेह...

इसे भी पढ़े