दुर्ग भिलाई से अमेरिका तक चमकता मेहनत का सितारा मोहम्मद अली हिरानी की अनसुनी कहानी

चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एवं कैट में वर्षों से पदस्थ है बड़े पदों पर
-भिलाई को क्रिकेट जगत में दिलाई बेमिसाल पहचान पूर्व क्रिकेटर राजेश चौहान करते हैं बेहद पसंद
-अमेरिका, लंदन , चाइना, कनाडा, दुबई जैसे देशों में महीनों तक कर चुके हैं प्रवास
-बेटी कैलिफफ़ोर्निया में एप्पल कंपनी में कार्यरत

  • पूरब टाइम्स दुर्ग। मोहम्मद अली हिरानी के दादाजी 1956 में भिलाई 3 आए और बॉम्बे साइकिल स्टोर के नाम से साइकिल का रिटेल और होलसेल बिजनेस शुरू किया। पूरी रात साइकिलों की असेंबलिंग होती थी और दिन में छत्तीसगढ़ के सभी साइकिल विक्रेता आ कर असेंबल्ड साइकिल ले जाते थे , भिलाई 3 छत्तीसगढ़ के लिए साइकिल का हब बन गया था। इसी बीच मोहम्मद अली का जन्म 25 मई 1963 को हैदराबाद में अपनी नानी के घर हुआ था , लेकिन बचपन भिलाई -3 में बिता एमजीएम स्कूल में पढ़ाई की
  • होलसेल साइकिल व्यापार में आराम बिल्कुल नहीं मिलता , इसके चलते इनके दादा को तीसरी बार जब हार्ट अटैक हुआ और इलाज के लिए हैदराबाद ले गए पड़ोसी शशि भाई तुरकिया होते थे हिरानी परिवार के अजीजो में से एक थे इलाज के वक़्त डॉक्टर ने उन्हें टेंशन से दूर रखने की सलाह दी तो अली के परदादा और दादा के भाई जो वहाँ उपस्थित थे दादा को हैदराबाद में ही रुकने की बात कही दादाजी का मानना था कि जमी जमाई दुकान का क्या होगा , तो पड़ोसी शशि भाई बोले आप चिंता मत करो , यदि आप को हैदराबाद रुकना है तो मैं खऱीद लूँगा सौदा हो गया दुकान हैंडओवर करने के बाद अली के पिताजी के पास कोई काम बचा नहीं पिताजी के पास , 1973 में दादा जी हैदराबाद से एम्प्रो बिस्किट और मराठा दरबार अगरबत्ती एक ट्रक लोड ले कर भिजवाये और उस समय इसका डिमांड अधिक था और सप्लाई कम था , तो बिना गोडाउन में उतारे ही पूरा ट्रक लोड बिस्किट और अगरबत्ती बिक गई तो अली के पिताजी ने इस व्यापार में जाने का मन बना लिए , “मलिक एजेंसी” के नाम से फर्म का रजिस्ट्रेशन करवाये और दुर्ग शिफ्ट होने का निर्णय लिए, क्योंकि दुर्ग जिला पूरा कवर करना है तो दुर्ग सेंटर पड़ता है । जब दुर्ग शिफ्ट हुए तब अली पांचवी क्लास में थे एक साल तकियापारा में रहे फिर मोहन नगर में शिफ्ट हो गए घर के सामने ही मैदान था जिसमे थॉमस्कर जी , अकरम जी क्रिकेट प्रैक्टिस करते थे रोज़। अली फ़ील्डिंग किया करता, अली को क्रिकेट खेलने का मन हो गया स्कूल में एथेलिटिव्स कम्पटीशन में हाई जम्प और शॉट पुट थ्रो में इनाम जीता एमजीएम स्कूल में एक्स्ट्रा एक्टिविटी नहीं होती थी, अपना क्रिकेट बैट ले जाओ तो वो भी प्रिंसिपल जब्त कर लेते थे, इसलिए 1980-81 में एमजीएम छोड़ के स्कूल सेक्टर -10 स्कूल में एडमिशन लिया, 12ह्लद्ध में क्रिकेट कैप्टेन बना और साथ ही हेड बॉय भी स्कूल का और क्रिकेट टीम इंटर स्कूल फाइनल विनर रही और स्टेट्स में सिलेक्शन भी हुआ , सीके नायडू सिलेक्शन में इंदौर भेजा गया था राज्य क्रिकेट एसोसिएशन से, वहाँ संदीप पाटिल और किरमानी के साथ खेलने का मौका मिला ।
  • टीम वर्क मेरी ताकत है
  • 1983 में कल्याण कॉलेज में एडमिशन लिया कॉमर्स सब्जेक्ट पढ़ाई जारी रखने का मुख्य उद्देश्य अली का क्रिकेट में कैरियर बनाने का था । 1984 में कल्याण कॉलेज क्रिकेट टीम का कैप्टन बनाया गया और उन्होंने लक्ष्य रखा की इंटर कॉलेज फाइनल जितना है और अलग-अलग कॉलेज में पढऩे वाले क्रिकेट के हुनर मंद खिलाडिय़ों को साथ लिया और आखिरकार 1984 का इंटर कॉलेज फाइनल कल्याण कॉलेज जीत गया और पहली बार कल्याण कॉलेज से किसी खिलाड़ी का चयन यूनिवर्सिटी की टीम में हुआ, वो भी टीम से 9 खिलाडिय़ों का चयन हुआ था यूनिवर्सिटी की टीम में, और इंटर यूनिवर्सिटी खेलने कोलकाता के ईडन गार्डन ग्राउंड में खेलने का मौका मिला । उसके बाद कॉलेज के शर्मा सर रिटायर हुए 2024 में तब तक शर्मा सर कल्याण कॉलेज क्रिकेट टीम का चयन अपने हाथ में ही रखे और हर साल कल्याण कॉलेज ही विजेता टीम रही । अभी भी शर्मा सर छत्तीसगढ़ क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के संचालक है ।
  • 2 जून 1985 को मिस्टर हिरानी के जीवन में मिसेज हिरानी की एंट्री हुई । 1986 में उन्होंने रियल एस्टेट बिजनेस में प्रवेश किया दुर्ग में फरिश्ता कॉम्प्लेक्स नाम से शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण हुआ जिसकी पूरी जवाबदारी अली की थी दुर्ग का फ़रिश्ता काम्प्लेक्स जो प्रभात टॉकीज को तोड़ के उसी जमीन पे बनाया गया था वह 1989 में पूरा हो गया
  • चुकी फरिश्ता काम्प्लेक्स की सभी जवाबदारी थी बुकिंग , कंस्ट्रक्शन , रॉ मटेरियल परचेज , ठेकेदार का बिल पेमेंट इत्यादि तो सीखने को अच्छा मिला।
  • इसी बीच बड़ा बेटा मोहसिन फिर बेटी मुनीशा और तीसरी बेटी पलक पैदा हुई। 1990 में अमन अपार्टमेंट नाम से 16 फ्लैट अपार्टमेंट का निर्माण शुरू करवाया , ये समाज में उन लोगों के लिए था जिनके पास कॉलोनी में खुद की जमीन नहीं थी जिसका काम फरवरी 1992 में पूरा किया ।
  • हिरानी के समाज में पूरे देश भर में 400 क्रेडिट कोआपरेटिव सोसाइटी है जिसका मुख्य उद्धेश्य होता है की बचत करने की आदत डालना समाज में और आसान किस्तों में ऋण देना । 1997 में तीन जिला रायपुर , दुर्ग और राजनंदगांव के लिए रजिस्टर्ड सिल्वर जुबली क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के हिरानी अध्यक्ष बनाए गए और तब से इस सोसाइटी के वह आज तक प्रेसिडेंट हैं
  • इनका भाई महमूद हिरानी भी 1987 में व्यापार में जुड़ गया और इन्होंने धीरे-धीरे काम करने का तरीका बदला। बैटरी सेल का जो पहले नोविनो बैटरी सेल के नाम से चलन में था उसका सुपर स्टॉकिस्ट आधा छत्तीसगढ़ का लिया। हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड ( केवल रूरल बाज़ार का ), इमामी, डाबर, अमूल, रुचि , किसान जैम केचप , एनपी chewingum,, प्रिया अचार , स्नेहा दुग्ध , थम्सअप , ब्रुक बांड , फिलिप्स लाइटिंग, alpinlabe इत्यादि का काम सफलता पूर्वक किया ।
  • मलिक एजेंसी 1975 से होटल सम्राट के नीचे किराए की दुकान से चलाई , वहां वाहन पार्किंग की समस्या हमेशा बनी रहती थी जिसे देखते हुए हिरानी एवं कुछ व्यापारियों ने चिखली में wholesale व्यापारी एसोसिएशन के नाम से 4 एकड़ जमीन खरीद , एक बेहतर कमर्शियल कंपलेक्स बनाने में कामयाब हुए जिस समिति के प्रेसिडेंट भी मोहम्मद अली बने और आज तक है ।
  • 2004 में वे टेलीकॉम बिजनेस में शिफ्ट हो गया, उस वक्त ( रिलायंस वेब वल्र्ड ) जिसमे 501/- में मोबाइल हैंडसेट की क्रांति लेकर आया था रिलायंस ” कर लो दुनिया मुठ्ठी में ” नया काम शुरू किया जिसमें कि इनकी पत्नी ने बखूबी साथ दिया ये सभी काम वो बखूबी संभालती रही इस वक़्त बेटा ग्रेजुएशन के लिए बेंगलोर चला गया , बड़ी बेटी 10th और छोटी बेटी 4 th क्लास डीपीएस में अध्ययनरत थी जो आज भी यूएसए में मैराथन दौड़ती है ।
  • बेटे का ग्रेजुएशन कंप्यूटर साइंस में हुआ पुणे में और मल्टीनेशनल कंपनी अर्नेस्ट एंड यंग में सीनियर मैनेजर है हैदराबाद में । छोटी बेटी पलक 12th क्लास पहुचते ही बोली बेटी , आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस में ग्रेजुएशन करना है वह भी वल्र्ड के बेस्ट यूनिवर्सिटी में , 12th पास कर उसका एडमिशन यूएसए की कैलिफ़ोर्निया यूनिवर्सिटी में हो गया कंप्यूटर साइंस में 2013 में और ग्रेजुएशन होते ही उसको ऐपल कंपनी में जॉब मिल गई 2018 में हि और अपने 8.5 साल पूरा कर चुकी है ऐपल में , अमेरिकी ग्रेजुएशन समारोहों देखने का मौका मिला 2017 में । दो भाई के परिवार भी है अमेरिका में , वे सभी आए थे समारोह में , फिर वही से हम सभी घूमने निकल गए , दोनू भाई से कई साल बाद मिले और पूरे परिवार के साथ घूमने का आनंद लिए । 2022 में भी जाने का अवसर मिला तब कनाडा भी गया , पहले जिन शहरों में जाने को नहीं मिला था वही घूमने का प्लान बनाए भाई लोग , दुबारा पूरे परिवार के साथ गए । इस से पहले जितनी विदेश यात्रा किया हूँ वह कंपनियों द्वारा जो स्कीम दिया जाता उस से गया , अपनी वाइफ के साथ दुबई , चाइना और पटाया की यात्रा कर चुका हूँ ।
  • 2008 में छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स में महामंत्री बनने का मौका मिला 2016 तक कुल 8 साल, 2 टर्म तक महामंत्री रहा। 2016 में अमर परवानी के कहने पे CAIT में शामिल हुए और MSME का प्रदेश प्रभारी बनाया गए और आज तक यह प्रभार इनके पास है
  • 2020 में जब कोविड की महामारी फैली सभी दुकान और रेस्टोरेंट्स पूरी तरह बंद थे और इनकम जीरो हो गई थी। क्यू की जो लोग क्वारंटाइन हो जाते उनको और उनके परिवार को कहीं से भी खाना नहीं मिलता था,”हमर बाज़ार” के नाम से कोआपरेटिव सोसाइटी बनाए और घर खाने की होम डिलीवरी शुरू किए , फिर हमारे पास माँग सब्ज़ी,फल , किराना सामान और दवाइयो का भी ऑर्डर आने लगा तो वह भी शुरू किए ।
  • मोहम्मद अली की उम्र आज 63 वर्ष है जो अनुभव उन्हें आज तक हुआ है , उसमे से कुछ बाते खुद उन्होंने पूरब टाइम्स के साथ साझा की जो कि उनके ही शब्दों में कुछ इस तरह से लिखी है । “ये जो जीवन हमे मिला है वो अनमोल है , जितना हम दूसरो को मदद करते है , हमे उसकी संतुष्ठी मिलती है , हमारा शरीर हमारी आत्मा का घर है , और इसको स्वस्थ रखने से ही हमारी आत्मा तृप्त रहती है , भोजन और व्यायाम दोनु जरूरी है शरीर को स्वस्थ रखने । यदि परमात्मा पे यकीन है तो कभी भी किसी भी परिस्थिति में दुखी नहीं होना है और किसी और को भी दुख नहीं देना है , सब्र और सूखर करते रहना है । स्कूल में हम पढ़े है एनर्जी के बारे में , Energy is Neither Created nor Destroyed , तो यह एनर्जी जो हमारे चारों तरफ़ है ये ही परमात्मा है , जो पूरे ब्राह्मण में है और हमारे शरीर में कितने सेल रोज़ बनते है , और पुराने मरते है , आस पास रंग बी रंगी फूल कैसे उगते है और झड़ते है , हवा का चलना , पानी का बादल से बरसना , फलो की और ड्रायफ्रूट्स की पैकिंग का कोई मुक़ाबला आज तक कोई कर नहीं सका ।
  • परमात्मा से बड़ा साइंटिस्ट कोई नहीं है, बिना मोटर और बिना फ्यूल चलती है सारी चीजे ब्राह्मण में और हमारे शरीर के अंदर हो या पेड़ पौधे और जानवर , पक्षी के अंदर , अपने आप ग्रोथ होता है ।
  • हमारी बीमारी भी हमारे लाइफ स्टाइल और हमारे आचार विचार के कारण ही हमे होता है । आप ज्यादा गुस्से में रहोगे , हसोगे नहीं तो शरीर में डोपोमाइन नहीं बनेगा आपके शातिर में , इस वजह से पार्किंसन होने की संभावना होती है , जो सीनियर सिटीजन घर में अकेले रहते है , किसी से मिलना झूलना नहीं करते उनका ब्रेन श्रिंक हो जाता है और अल्ज़ाइमर होने का कारण बनता है । 2017 से मैं डायबिटीज की गोली खा रहा था 2023 फऱवरी तक , केवल लाइफ स्टाइल बदल के डायबिटीज ख़त्म हो गई और गोली नहीं खा रहा हूँ 2023 फऱवरी से ।
  • लोग ज्यादातर जो हो चुका उसके चिंता में रहते है या आगे क्या होगा उसकी चिंता में । हमे हर पल यह सोच के जीना है की आज मेरा अंतिम दिन है , आज इस पल को मुझे खुशी से जीना है , कल क्या होगा किसको पता अभी जिंदगी का ले लो मज़ा । “शरीर कि हिफ़ाज़त,धन से भी अधिक करनी चाहिए, क्युकी शरीर बिगडऩे के बाद धन भी उसकी हिफ़ाज़त नहीं कर सकता”।
  • खुश रहने के लिए हमे किसी से भी कोई उम्मीद नहीं रखना है और अपनी जरूरतों को निम्न स्तर पे रखना चाहिये । किसी आदत का ग़ुलाम नहीं बन ना चाहिए , हम अपने आप को इतना व्यस्त रखते है की ख़ुश रहने का भी हमारे पास समय नहीं होता । अपने परिवार को समय दो , दोस्तों को समय दो , समाज की बेहतरी के लिए जो कर सकते हो वो करो , इस में जो ख़ुशी मिलती है किसी की मदद करने में वो अनमोल है । इस पर एक गाना है ।
  • “किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार,
  • किसी का दर्द मिल सके तो ले उधार,
  • किसी के वास्ते हो तेरे दिल में प्यार,
  • जीना इसी का नाम है…”

जीवन में किसी भी व्यक्ति को सफल होने के लिए समाज के कई हिस्से से मदद मिलती है, एक क्रिकेट खिलाड़ी होने के कारण मुझे भी अपने शिक्षा के समय से कॉलेज में सहयोग मिला, और एक दोस्त मिला मोहम्मद हिरानी, जिसने खेल के साथ अन्य क्षेत्र में भी पूरा साथ दिया।

  • मोहम्मद हिरानी एक ऐसा व्यक्तित्व जो भाई, दोस्त और एक अच्छा मदद गार हैं, समाज में ऐसे लोग काफी कम होते है,।
  • मेरी सफलता में मोहम्मद का अच्छा सहयोग रहा है, और इस उम्मीद के साथ मोहम्मद हिरानी जैसे हैं वैसे ही बने रहे

शुभकामनाओं के साथ

राजेश कुमार चौहान
पूर्व भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी

मोहम्मद अली हिरानी मेरा विद्यार्थी 1982 से 1985 तक रहा….हर शिक्षक की चाहत होती है कि ऐसा विद्यार्थी उसके जीवन में हो….मैं खुशकिस्मत हूं कि आज 44 साल बाद भी उतनी ही इज्जत और प्यार मुझे मोहम्मद से मिल रहा….मोहम्मद क्रिकेट खिलाड़ी रहा है….1984 में पहली बार इसकी ही कप्तानी में कॉलेज चैंपियन बना….उसके बाद चैंपियन बनने का जो कारवां शुरू हुआ आज तक नहीं रुका….इसके माध्यम से ऐसी नींव पड़ी कि बस दुआएं ही दे सकता हूँ….मोहम्मद पढ़ने भी आउट स्टैंडिंग था….खेल के साथ-साथ इसने B. Com. भी फर्स्ट डिवीज़न के साथ ही अच्छे मार्क्स के साथ किया….आज मोहम्मद जैसे इंसान की समाज को जरूरत है….अपने परिवार का सबसे बड़ा बेटा होने के कारण इसने जो उदाहरण हमारे सामने रखा….वह मिसाल है….पूरे भाई बहनों को जोड़े रखा….और आज भी वो जज़्बात कायम है….बस इतना कह सकता हूं…..एक बेहतरीन मानव….जिस पर मुझे शिक्षक होने के नाते गर्व है!!!!

डॉ पी एस शर्मा, रिटायर्ड प्रोफेसर, कल्याण कॉलेज

मोहम्मद अली हिरानी लंबे समय से व्यापारिक संगठन से जुड़े हुए हैं व्यापारियों के हितों के लिए संगठन के द्वारा किए जा रहे प्रयासों में इनका अहम योगदान रहा है निजी तौर पर मैं इन्हें काफी लंबे समय से जानता हूं दुर्ग में व्यापारियों के बीच इनकी एक अलग ही पहचान है व्यापारियों के हितों के लिए इनके द्वारा किए जा रहे प्रयासों को देखते हुए एमएसएमई में इन्हें छत्तीसगढ़ प्रदेश का प्रभारी भी बनाया गया है उम्मीद है आने वाले समय में यह व्यापारियों के लिए और बेहतर कार्य करते रहेंगे
हमीद खान उप संपादक पूरब टाइम्स न्यूज़

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