गंगरेल के द्वीप से आकार ले रही धमतरी के अनुभव आधारित पर्यटन की नई पहचान
धमतरी। कल्पना कीजिए—चारों ओर शांत जलराशि, दूर तक फैली हरियाली, खुले आसमान से झांकती सुनहरी धूप, ठंडी हवा का स्पर्श और शहर की भागदौड़ से दूर प्रकृति के बीच बिताए कुछ सुकून भरे पल। नाव धीरे-धीरे जल को चीरते हुए आगे बढ़ती है और लगभग 40 मिनट बाद सामने उभरता है एक खूबसूरत द्वीप। यहां पहुंचते ही महसूस होता है कि यात्रा केवल किसी स्थान तक पहुंचने की नहीं, बल्कि प्रकृति के और करीब आने की है। सेवा यह है गंगरेल का द्वीप, जो अब धमतरी के पर्यटन मानचित्र पर अनुभव आधारित पर्यटन की नई कहानी लिखने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
हर वर्ष 27 सितंबर को मनाया जाने वाला विश्व पर्यटन दिवस पर्यटन के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व को रेखांकित करता है। वर्ष 2026 की थीम “डिजिटल एजेंडा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा पर्यटन का पुनर्गठन” पर्यटन के बदलते स्वरूप की ओर संकेत करती है। आज का पर्यटक केवल किसी स्थान को देखना नहीं चाहता, वह उसे महसूस करना, उसके साथ जुड़ना और एक यादगार अनुभव लेकर लौटना चाहता है। धमतरी इसी नई पर्यटन अवधारणा के अनुरूप प्रकृति, रोमांच, संस्कृति और स्थानीय समुदाय को एक साथ जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।


