अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर के तीसरे दीक्षांत समारोह में 689 विद्यार्थियों को डिग्री प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इनमें 376 महिलाएं और 313 पुरुष शामिल रहे। समारोह में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले 16 विद्यार्थियों को पुरस्कार और स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि जिम्मेदारी संभालने की शुरुआत है। उन्होंने युवा चिकित्सकों से अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग देश की जनता के स्वास्थ्य, विश्वास और जीवन की सेवा के लिए करने का आह्वान किया। उन्होंने एम्स रायपुर की चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं में उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान कम समय में छत्तीसगढ़ सहित पड़ोसी राज्यों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र के रूप में स्थापित हुआ है। उपराष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खतरे को समाप्त करने के लिए मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, दृढ़ सुरक्षा नीति और विकासोन्मुखी शासन को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि राज्य अब अतीत की चुनौतियों से निकलकर विकास और प्रगति के नए दौर की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने एम्स रायपुर में किडनी, कॉर्नियल और कान प्रत्यारोपण जैसी उन्नत चिकित्सा सुविधाओं की भी सराहना की। राज्यपाल रमेन डेका ने युवा चिकित्सकों से ज्ञान के साथ करुणा, धैर्य, नैतिकता और जिम्मेदारी को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि चिकित्सा का वास्तविक उद्देश्य मानवता की सेवा है और डॉक्टर की श्रेष्ठता केवल उसकी पेशेवर दक्षता से नहीं, बल्कि मरीजों के साथ उसके व्यवहार और संवेदनशीलता से भी तय होती है। केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए चिकित्सा उत्कृष्टता के साथ शोध, निवारक स्वास्थ्य सेवाओं, नैतिकता और समाज सेवा को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। एम्स रायपुर के कार्यपालक निदेशक सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल ने संस्थान की प्रगति और उपलब्धियों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज एवं राष्ट्र की सेवा में करने की अपील की। समारोह में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, एम्स रायपुर के अध्यक्ष प्रो. डॉ. संजीव हांडा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस दौरान विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की शपथ भी दिलाई गई।


