51 शक्तिपीठों में खास अंबाजी मंदिर: जहाँ देवी सती का हृदय गिरा, और पूजी जाती है ‘विसा यंत्र’

भारत के 51 शक्तिपीठों में से एक, अंबाजी मंदिर (Ambaji Mandir) गुजरात राज्य के बनासकांठा जिले में अरासुर पर्वत पर स्थित है। राजस्थान और गुजरात की सीमा के पास, आबू रोड से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर बसा यह मंदिर सदियों से शक्ति की उपासना का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।

आइए जानते हैं इस मंदिर की अनोखी खासियत और धार्मिक मान्यताएं।

अंबाजी मंदिर की अनोखी खासियतें

  1. शक्तिपीठ की मान्यता: पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब भगवान शिव देवी सती के शरीर को लेकर ब्रह्मांड में घूम रहे थे, तब उनके शरीर के अंग जहाँ-जहाँ गिरे, वहाँ शक्तिपीठ बने। माना जाता है कि अंबाजी वह स्थान है जहाँ देवी सती का हृदय गिरा था, इसलिए यह स्थान विशेष महत्व रखता है।
  2. देवी की मूर्ति नहीं: इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ देवी की कोई प्रतिमा या मूर्ति नहीं है
  3. श्री विसा यंत्र की पूजा: श्रद्धालु माँ अम्बे की पूजा एक पवित्र और गुप्त ‘श्री विसा यंत्र’ के रूप में करते हैं। यह यंत्र इतना पवित्र माना जाता है कि इसे न तो नंगी आँखों से देखा जा सकता है और न ही इसकी फोटोग्राफी की अनुमति है। यही कारण है कि यहाँ पुजारी और भक्त आँखों पर पट्टी बाँधकर देवी की पूजा करते हैं।
  4. गब्बर पहाड़ी: अंबाजी नगर के पास स्थित गब्बर पहाड़ी को मंदिर का मूल आसन माना जाता है। कहा जाता है कि यहीं देवी माँ का वास्तविक स्थान है। श्रद्धालु गब्बर पहाड़ी पर चढ़कर दर्शन करते हैं और दीप जलाते हैं।

धार्मिक महत्व और प्रमुख उत्सव

  • पूर्णिमा का महत्व: अंबाजी मंदिर में हर महीने की पूर्णिमा को हजारों भक्त एकत्रित होते हैं और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।
  • भादरवी पूर्णिमा मेला: सबसे बड़ा और भव्य आयोजन भादरवी पूर्णिमा पर होता है, जब देशभर से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए यहाँ पहुँचते हैं। इस समय भव्य मेला लगता है और पूरा नगर दीपों से जगमगाता है, जिससे उत्सव का माहौल बिल्कुल दीपावली जैसा होता है।
  • नवरात्रि: नवरात्रि के दौरान भी यहाँ खास पूजा और गुजरात का पारंपरिक गरबा का आयोजन होता है।

अंबाजी मंदिर कैसे पहुँचें?

अंबाजी मंदिर तक पहुँचने के लिए सड़क, रेल और वायु मार्ग तीनों सुविधाएँ उपलब्ध हैं:

  • हवाई मार्ग: सबसे नजदीकी हवाई अड्डा अहमदाबाद का सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो अंबाजी से लगभग 179 किलोमीटर दूर है।
  • रेल मार्ग: सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन आबू रोड है, जो अंबाजी से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर है। स्टेशन से मंदिर तक बस और टैक्सी आसानी से मिल जाती है।
  • सड़क के रास्ते: अंबाजी राष्ट्रीय राजमार्ग 8 (NH 8) और राज्य राजमार्ग 56 (SH 56) से जुड़ा हुआ है। यह पालमपुर से लगभग 82 किमी और माउंट आबू से 45 किमी दूर है।

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