ध्वनि प्रदूषण पर सख्ती: दुर्ग जिले में रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर पर रोक

दुर्ग | कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ऋचा प्रकाश चौधरी ने जिले में ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सख्त आदेश जारी किए हैं। परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह आदेश 20 फरवरी 2025 से प्रभावी होगा और 30 जून 2025 तक लागू रहेगा

विशेष अनुमति अनुविभागीय दंडाधिकारी से लेनी होगी

शादी, धार्मिक आयोजनों, संस्कारों और चुनाव प्रचार जैसे विशेष अवसरों के लिए अनुमति संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दंडाधिकारी द्वारा दी जाएगी। लेकिन इस दौरान भी ध्वनि स्तर नियंत्रित रखना अनिवार्य होगा।

क्या हैं नियम?

🔹 निजी उपयोग के लिए ध्वनि सीमा 5 डीबी (ए) से अधिक नहीं होनी चाहिए।
🔹 सार्वजनिक स्थलों पर ध्वनि सीमा 10 डीबी (ए) या 75 डीबी (ए) से अधिक नहीं होनी चाहिए।
🔹 सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही लाउडस्पीकर का उपयोग किया जा सकेगा।
🔹 आयोजन स्थल के लिए नगर निगम/बीएसपी प्रशासन से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा।
🔹 रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी परिस्थिति में ध्वनि विस्तारक यंत्रों की अनुमति नहीं मिलेगी।

सख्त कार्रवाई की चेतावनी

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आम जनता से भी शांत वातावरण बनाए रखने में सहयोग की अपील की गई है।

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