‘छत्तीसगढ़ का शिमला’ मैनपाट: 7 प्रमुख पर्यटन स्थल और इस ‘मिनी तिब्बत’ की खासियतें

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित मैनपाट विंध्य पर्वतमाला पर बसा एक खूबसूरत और प्राकृतिक संपदा से भरपूर हिल स्टेशन है। यह अपनी ठंडी आबोहवा, घने जंगलों, झरनों और तिब्बती संस्कृति के अनूठे संगम के कारण पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय है।

मैनपाट को इसकी विशिष्टताओं के कारण दो उपनामों से जाना जाता है:

  1. ‘छत्तीसगढ़ का शिमला’: यहाँ की ऊँचाई (समुद्र तल से 3,780 फीट) और ठंडक के कारण इसे छत्तीसगढ़ का शिमला कहा जाता है।
  2. ‘छत्तीसगढ़ का तिब्बत’ (मिनी तिब्बत): 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद यहाँ बड़ी संख्या में तिब्बती शरणार्थियों को बसाया गया था। उनके बौद्ध मंदिर, खान-पान और संस्कृति यहाँ आकर्षण का केंद्र हैं।

मैनपाट के प्रमुख पर्यटन स्थल

मैनपाट की लंबाई लगभग 28 किमी और चौड़ाई 10-12 किमी है। यहाँ के कुछ सबसे प्रमुख और रोमांचक दर्शनीय स्थल इस प्रकार हैं:

स्थल का नामखासियत/विवरण
1. टाइगर पॉइंटयहाँ एक प्रसिद्ध और आकर्षक झरना (वाटरफॉल) है, जहाँ पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने आते हैं।
2. मछली पॉइंटयह भी एक प्रसिद्ध जलप्रपात है। मैनपाट से ही रिहन्द एवं मांड नदी का उद्गम हुआ है।
3. सरभंजा जलप्रपातयह एक और मनोरम जलप्रपात है, जहाँ पर्यटक प्रकृति की शांति का अनुभव करते हैं।
4. मेहता पॉइंटयह स्थल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है।
5. उल्टा पानीयह मैनपाट का एक बहुत ही फेमस और रोमांचकारी टूरिस्ट स्पॉट है। यहाँ एक स्थान ऐसा है जहाँ पानी नीचे से ऊपर की ओर जाता हुआ प्रतीत होता है (गुरुत्वाकर्षण के विपरीत)।
6. बौद्ध मंदिरतिब्बती शरणार्थियों की आस्था का यह प्रमुख केंद्र है। यहाँ की संस्कृति, जीवनशैली और मठ-मंदिर आकर्षण का केंद्र हैं।
7. दलदली/रोमांचक पॉइंट (दलदली जमीन)मैनपाट में कुछ ऐसी जगहें भी हैं, जहाँ की जमीन दलदली होने के कारण उछलती है, जो पर्यटकों के लिए कौतूहल का विषय रहता है।

कैसे पहुंचें?

  • निकटतम शहर: अंबिकापुर (मैनपाट अंबिकापुर से लगभग 75 किमी की दूरी पर है)।
  • हवाई मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा दरिमा हवाई अड्डा, अंबिकापुर है।
  • ट्रेन द्वारा: नजदीकी रेलवे स्टेशन अंबिकापुर है। वहाँ से बस या टैक्सी द्वारा मैनपाट पहुंचा जा सकता है।

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