भारत-नेपाल IGSC बैठक: कनेक्टिविटी और व्यापार को लेकर अहम चर्चा

नई दिल्ली में 16-17 सितंबर 2026 को हुई भारत-नेपाल अंतर-सरकारी उप-समिति (IGSC) की बैठक में द्विपक्षीय व्यापार, पारगमन और कनेक्टिविटी से जुड़े मुद्दों की व्यापक समीक्षा की गई। दोनों देशों के अधिकारियों ने बाजार तक पहुंच बेहतर बनाने, सीमा शुल्क प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण और रेल-सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर चर्चा की।

बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव उज्ज्वल कुमार घोष और नेपाली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उद्योग, वाणिज्य एवं आपूर्ति मंत्रालय के संयुक्त सचिव बुद्ध बहादुर गुरुंग ने किया। दोनों देशों के संबंधित मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

दोनों पक्षों ने कृषि एवं डेयरी उत्पाद, खाद्य पदार्थ, दवाएं, मेडिकल डिवाइस और आयुष उत्पादों के लिए बाजार पहुंच आसान बनाने के उपायों पर विचार किया। सीमा शुल्क सहयोग को मजबूत करने के लिए सामान पहुंचने से पहले सूचना साझा करने, ‘सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन’ के इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन तथा कस्टम्स ऑटोमेशन और डिजिटलीकरण जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

रेल-सड़क कनेक्टिविटी पर जोर

बैठक में रेल और सड़क कनेक्टिविटी, माल की आवाजाही, इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट और लैंड-पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की भी समीक्षा की गई। दोनों देशों ने मौजूदा बुनियादी ढांचे के बेहतर इस्तेमाल और द्विपक्षीय एवं पारगमन व्यापार में आने वाली परिचालन संबंधी बाधाओं को दूर करने पर चर्चा की।

मानकों, खाद्य सुरक्षा, प्लांट क्वारंटीन और अनुरूपता मूल्यांकन के क्षेत्र में सहयोग जारी रखने पर भी सहमति बनी। दोनों पक्षों ने वैध सीमा-पार व्यापार को सुविधाजनक बनाने के साथ अनधिकृत व्यापार और वाणिज्यिक धोखाधड़ी से जुड़े मामलों से निपटने के लिए संबंधित एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

बैठक सौहार्दपूर्ण और रचनात्मक माहौल में हुई। दोनों देशों ने संस्थागत तंत्र के माध्यम से संपर्क बनाए रखने और तकनीकी स्तर पर आगे जांच की आवश्यकता वाले मुद्दों पर समयबद्ध कार्रवाई करने पर सहमति जताई। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, भारत और नेपाल के बीच गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध हैं तथा भारत नेपाल का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और निवेश का महत्वपूर्ण स्रोत है।

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