नवरोज : पारसी नववर्ष की शुरुआत और ऐतिहासिक महत्व

नवरोज त्योहार की शुरुआत सासानियन साम्राज्य के संस्थापक हज़ारों साल पहले क़ल्स रॉय के द्वारा हुई थी। नवरोज (जिसे नववर्ष भी कहा जाता है) एक प्राचीन पारसी (फ़ारसी) त्योहार है, जो मुख्य रूप से फारस (इऱान) और उसके आस-पास के देशों में मनाया जाता है। यह दिन वसंत के आगमन और नए साल की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।

इसका ऐतिहासिक महत्व सासानियन साम्राज्य के दौरान बढ़ा, जब किंग याज़्दगिर्द II ने इस दिन को एक आधिकारिक रूप में मनाने का आदेश दिया था। समय के साथ, यह त्योहार दुनिया के विभिन्न हिस्सों में फैल गया, खासतौर से फारसी सभ्यता के प्रभाव वाले देशों में।

नवरोज़, आमतौर पर 21 मार्च को मनाया जाता है, जो वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है और इसे दुनिया भर के विभिन्न समुदायों द्वारा मनाया जाता है। यह दिन न केवल पारसी धर्म के अनुयायियों के लिए, बल्कि अफगानिस्तान, तुर्की, मध्य एशिया और भारत के कुछ हिस्सों में भी एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पर्व है।

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