2016 में भी विवादों में रह चुकी है CrowdStrike?, एक बार फिर साइबर सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर में गड़बड़ी की वजह से दुनियाभर में हंगामा मचा हुआ है। टेक दिग्गज के सर्वर में गड़बड़ी के बाद भारत समेत दुनियाभर के कई देशों में विमान सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। सिर्फ विमान सेवाएं ही नहीं बल्कि इस गड़बड़ी की वजह से कई देशों के बैंकिंग सिस्टम और शेयर मार्केट के काम पर भी असर पड़ा है। बताया जा रहा है कि माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर में ये समस्या ‘क्राउडस्ट्राइक’ की वजह से आई है। आइए आपको बता दें कि आखिर ये क्राउड स्ट्राइक क्या है जिसने दुनियाभर में हलचल मचा दिया है। 

क्या है CrowdStrike?
आपको बता दें कि क्राउडस्ट्राइक एक कंपनी है। जिसकी स्थापना 2011 में हुई थी। क्राउडस्ट्राइक के संस्थापक जॉर्ज कर्ट्ज और दिमित्री अल्परोविच और ग्रेग मास्टर्न ने की थी। कंपनी ने जल्द ही साइबर सुरक्षा के रूप में खुद को स्थापित कर लिया। यह कंपनी दुनियाभर के अधिकांश कंप्यूटर और लैपटॉप  के लिए एक एडवांस्ड साइबर सिक्योरिटी सॉल्यूशन देता है। अगली पीढ़ी के एंडपॉइंट सुरक्षा, खतरे की खुफिया जानकारी और घटना प्रतिक्रिया सेवाएं प्रदान करने के लिए क्लाउड-नेटिव तकनीकों का लाभ उठाया। पिछले कुछ वर्षों में, क्राउडस्ट्राइक ने अपनी पेशकशों और वैश्विक पहुंच का विस्तार किया है, जो 2019 में टिकर प्रतीक “CRWD” के तहत सार्वजनिक रूप से कारोबार करने लगा।

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