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Tuesday, March 24, 2026
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कोल्ड्रिफ सिरप मामला: ED ने श्रीसन फार्मा और ड्रग कंट्रोल अधिकारियों के ठिकानों पर मारा छापा

चेन्नई/भोपाल। मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत के गंभीर मामले में आज प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने जांच के तहत श्रीसन फार्मा कंपनी और तमिलनाडु में औषधि नियंत्रण कार्यालय (Drug Control Office) के वरिष्ठ अधिकारियों के ठिकानों पर छापा मारा है।

ईडी इस मामले में वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच कर रही है। वहीं, श्रीसन फार्मा कंपनी का मालिक जी. रंगनाथन इस समय मध्य प्रदेश एसआईटी (SIT) की रिमांड पर है। एसआईटी आज उसे लेकर चेन्नई पहुंच सकती है।

छिंदवाड़ा में औषधियों की गुणवत्ता जांच के लिए सघन अभियान

इधर, मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में बच्चों की मौत के बाद उपजे गंभीर हालात को देखते हुए, नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन, भोपाल के निर्देश पर औषधि निरीक्षकों के एक विशेष जांच दल द्वारा जिले में औषधियों की गुणवत्ता जांच के लिए सघन अभियान चलाया जा रहा है।

49 कफ सिरप के नमूने एकत्र, 7 स्टोर संचालकों को नोटिस

  • नमूने जब्त: विशेष जांच दल ने पिछले दो दिनों में छिंदवाड़ा स्थित कई मेडिकल एजेंसियों की जांच की है और परीक्षण हेतु कुल 49 कफ सिरप के नमूने एकत्र किए हैं। इन नमूनों को राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
  • दोषी सिरप की रिकवरी: दल द्वारा मिलावटी औषधि कोल्ड्रिफ कफ सीरप (बैच नंबर एसआर-13) की रिकवरी की कार्रवाई भी की गई है। इसके अतिरिक्त, टीम ने परासिया क्षेत्र के प्रभावित बच्चों के परिवारों से मुलाकात कर आवश्यक जानकारी जुटाई।
  • लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई: जिन मेडिकल स्टोर की पूर्व में जांच की गई थी और उनमें अनियमितताएँ पाई गई थीं, उनमें से 7 मेडिकल स्टोर संचालकों को “कारण बताओ नोटिस” जारी किए गए हैं। उनके स्पष्टीकरण के बाद उनके औषधि लाइसेंस को निलंबन अथवा निरस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जनता से विशेष अपील

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने छिंदवाड़ा जिले के समस्त आमजन से विशेष अपील की है कि यदि उन्होंने कोल्ड्रिफ सिरप (बैच नंबर एसआर-13) खरीदी है और वह घर में संग्रहित है, तो उसका उपयोग तुरंत बंद कर दें और प्रशासन को इसकी सूचना दें। विभाग ने दोहराया है कि निम्न गुणवत्ता या मिलावटी औषधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों एवं संस्थानों पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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