बोर्ड एग्जामिनेशन सिस्टम में ट्रांसपेरेंसी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) अगले साल से स्टूडेंट्स को उनकी इवैल्यूएट की हुई आंसर शीट की स्कैन्ड कॉपी सीधे डिजिलॉकर (DigiLocker)के ज़रिए डिजिटल मार्कशीट और सर्टिफिकेट के साथ देने पर विचार कर रहा है.
यह प्रस्तावित कदम इस साल के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रक्रिया के दौरान उठी चिंताओं के बाद उठाया गया है, जहां कई स्टूडेंट्स ने आरोप लगाया था कि री-इवैल्यूएशन के दौरान दी गई आंसर शीट धुंधली, अधूरी थीं, या उनमें सप्लीमेंट्री पेज गायब थे.
कुछ स्टूडेंट्स ने यह भी दावा किया कि उन्हें दी गई कॉपियां उनकी हैंडराइटिंग से मेल नहीं खाती थीं, जिससे माता-पिता, टीचर और स्टूडेंट्स ने उनकी आलोचना की. अभी, सीबीएसई स्टूडेंट्स को रिजल्ट घोषित होने के बाद डिजिलॉकर (DigiLocker) के ज़रिए उनकी मार्कशीट, पासिंग सर्टिफिकेट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट मिलते हैं.
हालांकि, अपनी आंसर बुक पाने के इच्छुक स्टूडेंट्स को एक अलग प्रक्रिया से गुज़रना पड़ता है जिसमें मार्क्स के वेरिफिकेशन, आंसर शीट की स्कैन्ड कॉपी और री-इवैल्यूएशन के लिए एप्लीकेशन शामिल हैं, जो अक्सर कई हफ़्तों तक फैल जाते हैं और इसके साथ एक्स्ट्रा फीस भी लगती है. नए प्रपोज़ल के तहत, स्टूडेंट्स डिजिलॉकर (DigiLocker) के ज़रिए ही अपनी जांची हुई आंसर शीट का एक्सेस अपने आप पा सकते हैं, जिससे अलग-अलग एप्लीकेशन की ज़रूरत खत्म हो जाएगी.


