विपक्ष द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर बयान की मांग के मद्देनजर नारेबाजी के बीच संसद के दोनों सदनों को 10 अगस्त को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। सदन में हंगामे के बीच राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सत्ताधारी और विपक्षी दोनों पक्षों से बैठने का आग्रह किया। प्रश्नकाल के दौरान सदन को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया।
लोकसभा में किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष यह तय नहीं कर सकता कि कौन सा मंत्री सदन में कब आए। निचले सदन में कड़े शब्दों में जवाब देते हुए रिजिजू ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह का नाम सुनकर आतंकवादी कांपते हैं। उन्होंने कहा कि जब चर्चा शुरू होगी, तो आप सुन नहीं पाएंगे। वह लंबे समय तक संसद में रहते हैं। विपक्ष यह तय नहीं कर सकता कि कौन सा मंत्री आएगा। संबंधित मंत्री सदन में मौजूद हैं।
उच्च सदन की मंज़ूरी के बाद, लोकसभा ने आज ‘सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026’ पारित कर दिया। यह विधेयक MSME के मुफ़्त और स्वैच्छिक रजिस्ट्रेशन के लिए एक राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म को अधिसूचित करने का प्रावधान करता है;
राज्य सरकारों को उनके गठन को तर्कसंगत बनाकर अतिरिक्त ‘सूक्ष्म और लघु उद्यम सुविधा परिषदें’ स्थापित करने में मदद करता है; और कुछ प्रावधानों के उल्लंघन से जुड़े अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करता है, जिसमें दोषी ठहराए जाने पर लगने वाले जुर्माने की जगह अलग-अलग स्तर के दंड का प्रावधान है और पहली बार उल्लंघन पर चेतावनी देने की व्यवस्था शामिल है।


