राफेल लिया तो पिनाका देने को तैयार… क्या फ्रांस की सेना में शामिल होगा हमारा मिसाइल सिस्टम?

फ्रांस और भारत के बीच रक्षा सहयोग लगातार बढ़ रहा है, और अब एक नई संभावना सामने आई है—फ्रांस की सेना भारत के विकसित मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम पिनाका को अपनाने पर विचार कर सकती है। यह चर्चा तब तेज हुई जब भारत ने फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमान खरीदे और दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में साझेदारी को और मजबूत करने का संकल्प लिया।

क्या है पिनाका मिसाइल सिस्टम?

पिनाका एक मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर (MBRL) प्रणाली है, जिसे भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने विकसित किया है। यह सिस्टम रूस के ग्रैड और स्मर्च MBRL का भारतीय विकल्प माना जाता है और इसे भारतीय सेना में पहले ही तैनात किया जा चुका है। इसकी विशेषताएं हैं:

  • 60 किलोमीटर तक मारक क्षमता
  • एक साथ 12 रॉकेट लॉन्च करने की क्षमता
  • GPS आधारित गाइडेड वर्जन उपलब्ध
  • दुश्मन के बंकर, बख्तरबंद वाहन और लॉजिस्टिक ठिकानों को नष्ट करने की ताकत

फ्रांस क्यों कर सकता है पिनाका को अपनाने पर विचार?

  1. भारत की रक्षा तकनीक में आत्मनिर्भरता – भारत अब रक्षा निर्यातक देशों में शामिल हो रहा है, और स्वदेशी हथियार प्रणाली पर फ्रांस की रुचि इसे और मजबूत करती है।
  2. मल्टी बैरल रॉकेट सिस्टम की जरूरत – फ्रांस को अपने जमीनी सैन्य अभियानों के लिए एक शक्तिशाली रॉकेट आर्टिलरी सिस्टम की जरूरत है, और पिनाका उसकी आवश्यकताओं को पूरा कर सकता है।
  3. सामरिक साझेदारी – भारत और फ्रांस के बीच पहले से ही राफेल, स्कॉर्पीन पनडुब्बी और अन्य रक्षा सौदों में सहयोग है, इसलिए यह सौदा संभव है।
  4. लागत और कार्यक्षमता – पिनाका सिस्टम अमेरिकी और रूसी विकल्पों की तुलना में सस्ता और अत्यधिक प्रभावी माना जाता है।

क्या फ्रांस पिनाका खरीदेगा?

अभी तक फ्रांस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अगर यह सौदा होता है, तो यह भारत के रक्षा निर्यात क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। इससे भारतीय हथियारों की वैश्विक पहचान और बढ़ेगी।

निष्कर्ष

भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग नए स्तर पर पहुंच रहा है। अगर पिनाका मिसाइल सिस्टम को फ्रांस अपनाता है, तो यह भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक की एक बड़ी जीत होगी और आने वाले वर्षों में अन्य देशों के लिए भी भारतीय हथियारों का निर्यात बढ़ सकता है।

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