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Tuesday, February 17, 2026
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नवा रायपुर में बनेगा रेलवे वॉशिंग स्टेशन, 1500 करोड़ की लागत से बढ़ेगी रेल सुविधाएं

नवा रायपुर के केंद्री स्टेशन के पास जल्द ही रेलवे का अत्याधुनिक वॉशिंग स्टेशन बनने जा रहा है। इसके लिए 60 एकड़ जमीन का चयन कर लिया गया है। इस वॉशिंग स्टेशन के बनने से ट्रेनों के मेंटेनेंस और सफाई की सुविधा बढ़ेगी, जिससे यात्री सुविधाओं में सुधार होगा। इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 1500 करोड़ रुपये है।

खरसिया से नवा रायपुर तक रेल लाइन विस्तार

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, खरसिया से नवा रायपुर तक रेल लाइन का विस्तार किया जाएगा और इसे परमलकसा तक जोड़ा जाएगा। इस नए रेल नेटवर्क के जरिए नवा रायपुर से कोलकाता, मुंबई और विशाखापट्टनम तक सीधी ट्रेन सेवाएं शुरू होंगी। रेलवे करीब एक दर्जन नई ट्रेनें चलाने की योजना बना रहा है, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

पहले चरण में ये ट्रेनें होंगी शुरू

शुरुआती चरण में रायपुर से विशाखापट्टनम वंदे भारत एक्सप्रेस, दुर्ग-जम्मूतवी, दुर्ग-निजामुद्दीन, दुर्ग-गोरखपुर, दुर्ग-कानपुर, दुर्ग-भोपाल, दुर्ग-जयपुर, दुर्ग-अजमेर, और दुर्ग-दल्ली राजहरा एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इस परियोजना के तहत 266 किमी लंबी रेल लाइन बिछाई जाएगी, जिससे छत्तीसगढ़ के कई इलाकों को पहली बार रेलवे नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।

आर्थिक और यात्री सुविधाओं को मिलेगा बढ़ावा

वॉशिंग स्टेशन बनने के बाद नवा रायपुर से ट्रेन सेवाओं की शुरुआत होगी, जिससे यात्रियों को आरक्षण कोटा में बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा। वर्तमान में दुर्ग में जगह की कमी के कारण ट्रेनों के मेंटेनेंस में कठिनाई होती है, लेकिन नए स्टेशन से यह समस्या दूर हो जाएगी।

रेलवे के अनुसार, एक ट्रेन के मैकेनिकल मेंटेनेंस और सफाई के लिए औसतन 6 घंटे लगते हैं। वॉशिंग स्टेशन बनने से 30 गाड़ियों की मरम्मत और धुलाई संभव होगी। इसके अलावा, खरसिया से बलौदाबाजार, केंद्री, अभनपुर और दुर्ग पैवारा होते हुए परमलकसा तक नई रेल लाइन बिछाने के लिए सर्वे का काम जारी है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से यात्री ट्रेनों के साथ-साथ माल ढुलाई को भी बढ़ावा मिलेगा।

रेल नेटवर्क से पहली बार जुड़ेंगे कई इलाके

यह परियोजना छत्तीसगढ़ के उन इलाकों के लिए भी ऐतिहासिक साबित होगी, जहां अब तक रेलवे सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इससे स्थानीय यात्रियों के साथ-साथ उद्योगों को भी फायदा होगा, क्योंकि इस रूट पर सीमेंट और अन्य उद्योग स्थित हैं, जिससे माल ढुलाई की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।

भविष्य में और बढ़ेगी ट्रेन सुविधाएं

रायपुर, जो छत्तीसगढ़ की राजधानी है, यहां से भविष्य में और अधिक ट्रेनों के संचालन की योजना है। रेलवे के डीआरएम दयानंद के अनुसार, कोचिंग डिपो बनाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है, जिससे ट्रेनों की मरम्मत और रखरखाव की क्षमता बढ़ेगी। इसके लिए नवा रायपुर में जमीन देने की प्रक्रिया चल रही है।

इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के पूरा होने से नवा रायपुर एक प्रमुख रेलवे हब के रूप में विकसित होगा, जिससे यात्रियों और उद्योगों दोनों को लाभ मिलेगा।

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