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Monday, February 16, 2026
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जल संसाधन विभाग के EE के विरुद्ध FIR दर्ज हुई

पूरब टाइम्स , रायपुर . पिछले दिनों छ.ग. जल संसाधन विभाग , बहुत सुर्खियों में रहा . अधिकारियों द्वारा ठेकेदारों के गलत कृत्यों पर पर्दा डालकर बचाने के मामलों ने सुर्खियां हासिल की . मैटर चाहे , ठेकेदारों के काम की समय सीमा बढ़ाने का हो या ठेकेदारों के द्वारा टेंडर शर्तों के अपेक्षित रूप से लेबर रिकॉर्ड ना रखने का हो , अनेक अधिकारियों द्वारा उन गड़बड़ियों पर पर्दा डालने का कार्य ही किया गया . टेंडर पूर्व स्वीकृत किये गये प्रशासकीय प्रतिवेदन को ताक में रखकर , अनेक अधिकारी ठेकेदारों से मिलीभगत कर मलाई छान रहे हैं . इनमें अनेक उच्चाधिकारियों की संलिप्ता की भी जानकारी छन छन कर आती रहती हैं . छ.ग. जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता उइके की जानकारी में भी अनेक समाजिक कार्यकर्ताओं ने कई जानकारियां भी दीं और कोई कार्यवाही नहीं करने पर नोटिस भी दी परंतु उन सभी को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया . पिछले दिनों ऐसी ही शिकायतों को संज्ञान में लेकर प्रदेश शासन के निर्देश पर विभाग के कार्यपालन अभियंता पर हुई एफ.आई.आर. से अन्य तरह की गड़बड़ करने वाले अधिकारियों में भी हड़कम्प मचा हुआ है . सूत्रों के अनुसार अब अनेक मामले खुलेंगे, जिसकी गाज अनेक अधिकारियों व ठेकेदारों पर गिरेगी . पूरब टाइम्स की एक रिपोर्ट ..

शासन का हित रक्षण करने वाला चर्चित शिकायतकर्ता कौन है ?
शासन की ओर से थाना सिटी कोतवाली, जशपुर नगर जिला-जशपुर (छ.ग.) में FIR दर्ज करवाने वाला शिकायतकर्ता विनोद भगत निवासी वार्ड क्रमांक 13 बगीचा थाना बगीचा का रहने वाला है जो कि वर्तमान में जल संसाधन संभाग जशपुर में कार्यपालन अभियंता के पद पर दिनांक 03/10/2024 से पदस्थ है। उल्लेखनीय है कि शिकायतकर्ता ने अपने पदेन जिम्मेदारी का निर्वहन किया है जो कि जल संसाधन विभाग की अभूतपूर्व कार्यवाही है |

सिचाई विभाग से कैसे की गई धोखाधड़ी ?
दर्ज FIR में लेख किया है कि, जल संसाधन विभाग जसपुर में पदस्थ पूर्व कार्यपालन अभियंता विजय जामनिक जो कि दिनांक 24/02/2021 से 30/08/2024 तक पदस्थ थे जिनकी पदस्थापना दौरान पत्थलगावं विकास खण्ड अंतर्गत मांड नदी पर सुसडेगा व्यपर्वतन योजना (बैराज) के निर्माण कार्य में निविदा राशि के अतिरिक्त सुरक्षा निधि का दो नग बैंक टी. डी. आर. की कुल राशि 29390000 /- रूपये (दो करोड़ तिरानबे लाख नब्बे हजार रूपये) को बिना कार्य पूर्णता के संबंधित निविदाकार एवं ठेकेदार मेसर्स खलतकर कन्ट्रक्शन अ-वर्ग ठेकेदार नागपुर को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से अनुबंध की कंडिका क्रमांक 2.8.1 का उलंघन करते हुये वापस कर दिया गया है | जिससे निविदाकार द्वारा समय पर कार्य को पूर्ण नहीं करने पर निविदाकार से उक्त राशि को शासन द्वारा राजसात नहीं की जा सकती है | तत्कालीन कार्यपालन अभियंता द्वारा शासन के साथ छल पूर्वक कार्य करते हुये अतिरिक्त सुरक्षा निधि की राशि का समय से पूर्व संबंधित निविदाकार एवं ठेकेदार को वापस कर शासन को नुकसान पहुंचाया गया है। जिसके संबंध में लिखित आवेदन पत्र पेश कर रहा हूं। आवेदन पत्र नकल जैल है कार्यालय, कार्यपालन अभियंता, जल संसाधन संभाग, जशपुर (छ.ग.) पत्र क्र. 1121/स्था./2025 जसपुर दिनांक 31/05/2025

आरोपी EE की पहचान कर ली गई है….
सुसडेगा व्यपवर्तन योजना के अनुबंध कमांक 19/2020-21 के अंतर्गत सुरक्षा निधि 29390000.00 की समय पूर्व वापसी संबंधी शिकायत पर आवश्यक दोषी अधिकारी / कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक एवं विधि सम्मत कार्यवाही के संबंध में विजय आमनिक कार्यपालन अभियंता के विरुद्ध एफ. आई.आर दर्ज कराने की कार्यवाही जल संसाधन विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा की गई है | उल्लेखनीय है की शासनादेशित पत्र के परिपालन में लेख है कि श्री विजय जामनिक, तत्कालिन कार्यपालन अभियंता, जल संसाधन संभाग जशपुर (छ.ग.) का पदस्थापना अवधि दिनांक 24.02.2021 से दिनांक 30.08.2024 तक हैं। इनका वर्तमान निवास श्री विजय जामनिक, कलेक्टर बंगला रोड महिला थाना के पास अंबिकापुर जिला-सरगुजा (छ.ग.) पिन कोड 497001 एवं मोबाईल नम्बर ** है।

गंभीर आर्थिक अपराध का मामला क्या है ?
गौरतलब रहे की आरोपी श्री विजय जामनिक द्वारा उक्त पदस्थापना अवधि के दौरान जशपुर जिले अंतर्गत जशपुर जिले के पत्थलगांव विकास खंड अंतर्गत मांड नदी पर सुसडेगा व्यपवर्तन योजना (बैराज) के शीर्ष कार्य का निर्माण एवं 4 नग अंडर स्लूस गेट साईज 8.00 मी. X 6.00 मी. 8 नग स्पीलवे, गेट साईज 8.00 मी. X 4.50 मी., स्टॉप लाग गेट तथा 2 नग नहर स्लूस गेट साईज 1.50 मी. x 1.50 मी. समस्त आवश्यक अवयवों का डिजाईन, ड्राईंग, निर्माण आपूर्ति एवं प्रतिस्थापन, रिमोट कंट्रोल प्रणाली एवं प्रकाश व्यवस्था सहित निर्माण कार्य। जिसकी निविदा की राशि रु. 261238505.00 शब्दों में (छब्बीस करोड़ बारह लाख अड़तीस हजार पांच सौ पांच रूपये मात्र) थी। जिसे निविदाकार एवं ठेकेदार मेसर्स खलतकर कंस्ट्रक्शन अ वर्ग ठेकेदार नागपुर के द्वारा 21.25% निविदा की राशि से कम बोली लगाकर प्राप्त की गई तथा वित्तीय वर्ष 2020-21 दिनांक 15.02.2021 को अनुबंध कमांक 19/डी.एल. के तहत अनुबंध किया गया तथा अनुबंध की कंडिका 2.8.1 के अनुसार अतिरिक्त सुरक्षा निधि की राशि बैंक ऑफ बड़ौदा के दो टी. डी. आर. क्रमांक 1764903 दिनांक 11.02.2021 राशि रू. 14695000 तथा टी. डी. आर. क्रमांक 1764904 दिनांक 12.02.2021 राशि रु 14695000.00 की माध्यम से कार्यालय में कुल राशि रु 29390000.00 शब्दों में दो करोड़ तिरानबे लाख नब्बे हजार रूपये का जमा किया गया था, को स्वेछाचारिता पूर्वक नियम विपरित ठेकेदार को वापस कर दिया गया।

क्या कहती हैं ठेका अनुबंध की नियम शर्तें ?
अनुबंध की कंडिका 2.8.1 के अनुसार सफल निविदाकार द्वारा अनुबंध पर हस्ताक्षर करते समय अतिरिक्त निष्पादन सुरक्षा (APS) जमा की जावेगी। जब बोली राशि गंभीर रूप से अंसतुलित हो अर्थात अनुमानित लागत से 10 प्रतिशत से अधिक कम हो ऐसी स्थिति में सफल निविदाकार अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से पूर्व कार्यपालन अभियंता के पक्ष में अतिरिक्त निष्पादन सुरक्षा (APS) निविदा की राशि का 90% तथा बोली की राशि का अंतर एफ. डी. आर. के माध्यम से जमा करेगा। यह राशि कार्य पूर्णता के बाद साधारण सुरक्षा निधि (SD) के साथ वापस किया जावेगा। यदि ठेकेदार कार्य पूर्ण करने से चूक जाता है या कार्य अधूरा छोड़ देता है तो यह अतिरिक्त निष्पादन सुरक्षा (APS) को विभाग द्वारा जब्त कर लिया जावेगा और अनुबंध को समाप्त कर कार्यवाही अनुबंध की कंडिका 4.3.3 के अनुसार कार्यवाही किया जावेगा। यदि निविदाकार ठेकेदार अतिरिक्त निष्पादन सुरक्षा (APS) जमा करने से मना करता है तो उसकी बोली स्वीकृतकर्ता अधिकारी द्वारा निरस्त कर बयाने की राशि जब्त कर ली जावेगी।

ठेकेदार मेसर्स खलतकर कंस्ट्रक्शन के विरुद्ध कार्यवाही का आधार
(छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग रायपुर के पत्र कमांक 2881/एफ-7-/31/5-2/2001 रायपुर दिनांक 10.06.2015 के अनुसार) उक्त नियमानुसार ठेकेदार द्वारा अंतर की राशि रू. 29390000.00 शब्दों में दो करोड़ तिरानबे लाख नब्बे हजार रूपये का अतिरिक्त निष्पादन सुरक्षा (APS) टी. डी. आर. के माध्यम से जमा कर अनुबंध किया गया, तथा ठेकेदार को कार्य अनुबंध के अनुसार दिनांक 15.02.2023 तक कार्य पूर्ण करना था। वर्तमान में इस अनुबंध के अंतर्गत कार्य की प्रगति मात्र 60% है। तथा ठेकेदार कार्य पूर्णता की ओर कोई गंभीर प्रयास नहीं किया जा रहा है। अतः कार्य अपूर्ण रहने अथवा ठेकेदार द्वारा कार्य अधूरा छोड़ने की स्थिति में उक्त राशि विभाग द्वारा राजसात नहीं की जा सकती है। इस प्रकार श्री विजय जामनिक तत्कालिन कार्यपालन अभियंता जल संसाधन संभाग जशपुर द्वारा अनुबंध की कंडिका 2.8.1 का उल्लंघन कर ठेकेदार को अनुचित लाभ पहुंचाया है। तथा अनुबंध का उल्लंघन कर सौंपी गई शासकीय राशि का दुरूपयोग कर विश्वास हनन किया गया है। समय पूर्व राशि जारी किए जाने से विभागीय हितों को क्षति पहुंची है तथा शासकीय निधि की सुरक्षा में गंभीर लापरवाही की गई है। जो वित्तीय अनियमितता एवं अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।

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