योग गुरु स्वामी रामदेव ने हाल ही में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों की आलोचना की है। उन्होंने युवाओं से अभद्र प्रदर्शनों के बजाय कौशल विकसित करने का आग्रह करते हुए कहा कि ऐसे व्यवहार से देश की प्रगति नहीं होगी।
उन्होंने तर्क दिया कि केवल शिक्षा मंत्री को बदलने से शिक्षा प्रणाली में कोई सार्थक सुधार नहीं आएगा। ANI से बातचीत में स्वामी रामदेव ने भारत की राजनीतिक, शैक्षिक और चिकित्सा प्रणालियों में कमियों को माना, लेकिन इस बात पर ज़ोर दिया कि विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक और सम्मानजनक तरीके से होने चाहिए।
स्वामी रामदेव ने कहा कि सड़कों पर हंगामा, अफरा-तफरी, तोड़-फोड़ और गाली-गलौज करने से देश आगे नहीं बढ़ेगा। विरोध करने के साथ-साथ हमें यह भी देखना चाहिए कि देश का निर्माण कैसे किया जाए। सभी का एक ही लक्ष्य है – विकसित भारत का निर्माण करना। हंगामा करके विकसित भारत नहीं बनाया जा सकता।
उन्होंने विरोध के मौजूदा तरीकों की आलोचना करते हुए कहा कि हमारे युवा समूहों में सड़कों पर उतर रहे हैं, नाच-गा रहे हैं और ‘आज़ादी’ के नारे लगा रहे हैं। इससे कोई फायदा नहीं होगा। आपको खुद को इतना काबिल बनाना होगा कि आप देश के लिए योगदान दे सकें और सरकारी व्यवस्था को जवाबदेह ठहरा सकें।


