Total Users- 1,159,505

spot_img

Total Users- 1,159,505

Monday, February 16, 2026
spot_img

अधीक्षण अभियंता दुर्ग के कृपापात्र जल संसाधन ठेकेदारों को…श्रमिकों के अधिकारों पर अतिक्रमण करने की छूट क्यों ?

पूरब टाइम्स दुर्ग . पिछले अनेक अंकों में हमने छ.ग. के जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता की ठेकेदारों को बचाने वाले कार्यप्रणाली पर सवाल उठाये थे . हमने जनता के सामने यह भी लाया था कि कैसे इस विभाग के कई उच्चाधिकारी नियमों को ताक पर रखकर काम कर रहे हैं . केवल इतना ही नहीं वे अपने मातहत अधिकारी को संरक्षण देने के लिये अनेक नियमों मे बदलाव भी कर रहे हैं जोकि उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आते हैं . इन सबके कारण अब इसी महीने रिटायर होने वाले विभाग के प्रमुख अभियंता के विरुद्ध लोकायुक्त में भी वाद दायर किया गया है . अमूमन उसी तरह की परिस्थिति दुर्ग सर्कल के अधीक्षण अभियंता एस.के पाण्डेय के साथ बन रही है . सूत्रों के अनुसार उनके द्वारा न केवल अपने मातहत ठेकेदारों व अधिकारियों को बचाने के आरोप लग रहे हैं बल्कि विधानसभा में उनके सर्कल के द्वारा जमा की गई जानकारी को भी गलत बताया जा रहा है . अब देखने वाली बात यह होगी कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जिस प्रकार से पिछले दिनों एक कार्यपालन अभियंता के विरुद्ध एफआईआर करवाई गई , उसी तरह की जांच व दंडात्मक कार्यवाही आगे भी की जाती है या नहीं . पूरब टाइम्स की एक रिपोर्ट ..

बताया जा रहा है कि, कार्यालय अधीक्षण अभियंता, शिवनाथ वृत्त, दुर्ग जल संसाधन विभाग छ.ग. के अंतर्गत निर्माण कार्य के “ठेकेदारों को निविदा शर्तों के अनुरूप” श्रम विधि का अनुपालन करने की बाध्यता है जिसके तहत ठेकदारों को सक्षम अधिकारियों / निरीक्षकों के समक्ष विधिवत वार्षिक विवरणी प्रस्तुत करने की बाध्यता होती है लेकिन अधीक्षण अभियंता के उदासीन कार्य व्यवहार के कारण जल संसाधन निर्माण कार्यों में नियोजित श्रमिको के अधिनियमित श्रमिक अधिकारों पर अतिक्रमण करने की अवैधानिक गतिविधि व प्रशासकीय आपराधिक कार्य व्यवहार कारित करने का व्यथनीय अवसर ठेकेदारों को मिल रहा है | जिस पर समय रहते संज्ञान लिया जाना आवश्यक है ।

“श्रम विधि (विवरणी देने और [रजिस्टर रखने के लिए प्रक्रिया का सरलीकरण) अधिनियम 1988” के उपबंध 1 और 2 का अनुपालन करवाने की पदेन जिम्मेदारी कार्यपालन अभियंता की होती है लेकिन कार्यालय अधीक्षण अभियंता, शिवनाथ वृत्त, दुर्ग जल संसाधन विभाग छ.ग. के अंतर्गत कार्यरत कार्यपालन अभियंता जल संसाधन ठेकेदारों से मिली भगत वाली कार्य प्रणाली अपनाकर श्रमिकों का विवरण संधारित करने वाले रजिस्टर सार्वजनिक करने की पदेन जिम्मेदारी पूरी नहीं कर रहे है और इस अनियमितता का मूक दर्शन अधीक्षण अभियंता द्वारा किया जाना विधिक चुनौती दिए जाने की परिस्थिति उत्पन्न कर रहा है ।

More Topics

लोकसंगीत और बॉलीवुड सुरों से सजा मैनपाट महोत्सव का दूसरा दिन

-अलका चंद्राकर और वैशाली रायकवार की प्रस्तुतियों ने देर...

समाज के संगठित और जागरूक होने से विकास को मिलती है मजबूती : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

अन्नदाता भाइयों-बहनों की समृद्धि ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता...

श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र है बाबा धाम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

-महाशिवरात्रि पर बाबा धाम में मुख्यमंत्री ने की पूजा-अर्चना,...

असम में राष्ट्रीय राजमार्ग बना आपातकालीन हवाई पट्टी, सीमा पर भारत की परिचालन क्षमता मजबूत

डिब्रूगढ़-मोरान खंड पर 4.2 किमी लंबी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी...

इसे भी पढ़े